Asaduddin Owaisi : नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ बिल पर बहस करते हुए AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक की कॉपी फाड़ दी। उन्होंने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि, मुझे मुसलमानों का अपमान स्वीकार नहीं। असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विधेयक की प्रति फाड़ने पर वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा किये गए कृत्य को असंवैधानिक बताया।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं वक्फ (संशोधन विधेयक) के विरोध पर बोलूंगा। यह विधेयक मुसलमानों पर हमला है। मोदी सरकार ने मेरी आजादी पर जंग छेड़ दी है। मेरी मस्जिदें, मेरी दरगाहें, मेरे मदरसे निशाने पर हैं। यह सरकार सच नहीं बता रही है। यह विधेयक अनुच्छेद 14- समान संरक्षण का उल्लंघन करता है। सीमाएं लगाई जाएंगी। ऐसा करने से अतिक्रमणकारी मालिक बन जाएगा और एक गैर-मुस्लिम वक्फ बोर्ड का प्रशासन चलाएगा। यह विधेयक समानता कानून का भी उल्लंघन करता है।
लोकसभा में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक की प्रति फाड़ दी। और कहा कि, "इस विधेयक का उद्देश्य मुसलमानों का अपमान करना है। मैं इस कानून को स्वीकार नहीं कर सकता। महात्मा गांधी की तरह मैं इस कानून को फाड़ता हूं। यह असंवैधानिक है। भाजपा इस देश में 'मंदिर' और 'मस्जिद' के नाम पर विवाद पैदा करना चाहती है।"
वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा - मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए मैं धन्यवाद करता हूँ। जब बिल पेश किया गया था तभी हम इसे पास कर सकते थे लेकिन मंत्री जी ने कहा कि, हम इसे जेपीसी को भेजेंगे ताकि इस्लाम से जुड़े लोग और विद्वानों से चर्चा की जा सके। पूरे साल में स्टैंडिंग कमेटी की 24 - 25 बैठक होती है। इस कमेटी की 38 बैठक हुई है 6 महीने में। जितना स्टैंडिंग कमेटी में बोलने का मौका नहीं मिला उतना जेपीसी में देखने को मिला है।
जेपीसी की कमेटी में शामिल सभी लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि, उनकी सभी बातों को माना गया है। 11 बजे से बैठक करते थे तो शाम 6 से 7 तक बैठक चलती थी। वक्फ में कोई दखल नहीं किया जाएगा। ओवैसी जी ने संविधान में बिल फाड़कर असंवैधानिक काम किया है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न मुद्दे उठाए और आरोप लगाया कि मुसलमानों के लिए, वक्फ में मुसलमानों के बच्चों के लिए प्रावधान किया जा रहा है। हिंदुओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हिंदुओं के लिए पहले से ही प्रावधान है। इस पर दूसरा कानून बनाने की कोई जरूरत नहीं है।"