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श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का नया केंद्र

श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का नया केंद्र

श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का नया केंद्र

अयोध्या। अयोध्या की पावन धरती पर राम भक्तों को एक और आध्यात्मिक सौगात मिली है। वैशाख कृष्ण द्वितीया, विक्रम संवत 2082, मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में संत तुलसीदास की भव्य प्रतिमा का विधिवत पूजन कर लोकार्पण किया गया।

यह प्रतिमा परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र के पूर्वी प्रवेश द्वार प्रांगण में स्थापित की गई है। इस मौके पर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा एवं न्यास के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतिमा उन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो वर्ष भर श्री रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या आते हैं।

अब मंदिर प्रवेश से पहले उन्हें संत तुलसीदास के दर्शन का पुण्य भी प्राप्त होगा। संत तुलसीदास, जिन्होंने श्रीरामचरितमानस की रचना कर श्री राम कथा को घर-घर तक पहुँचाया, उनकी प्रतिमा का यह स्थान श्रद्धालुओं को मानस के भाव लोक में प्रवेश कराने जैसा अनुभव देगा। यह प्रतिमा न केवल एक स्मारक है, बल्कि रामभक्ति परंपरा की निरंतरता का प्रतीक भी है।

प्रतिमा का अनावरण पूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ इसे खोला गया। इस मौके पर ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं सेवक भी उपस्थित रहे। रामनगरी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा को बढ़ाने वाले इस आयोजन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। 

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