भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने शहर के सभी बाजार एक समय पर बंद कराने की मांग की। वक्फ जमीन और अतिक्रमण को लेकर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल में अलग-अलग मार्केट बंद होने के समय को लेकर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन से सख्ती की मांग की है। शनिवार को उन्होंने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर शहर के सभी बाजारों को एक तय समय पर बंद कराने की मांग की है. सांसद ने पुराने भोपाल में रातभर खुलने वाले बाजारों को कानून व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय बताया। साथ ही वक्फ जमीन और अतिक्रमण को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की।
‘भोपाल में दो कानून नहीं चलेंगे’
आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के कई प्रमुख बाजार रात 10 बजे तक बंद हो जाते हैं, जबकि पुराने शहर के कुछ इलाकों में पूरी रात दुकानें खुली रहती हैं, उन्होंने कहा कि इससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और युवाओं पर भी गलत असर पड़ता है। सांसद के मुताबिक शहर में सभी बाजारों के लिए समान नियम होना चाहिए।
किन बाजारों का किया जिक्र?
सांसद ने न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल, इंद्रपुरी, 6 नंबर और 10 नंबर मार्केट जैसे इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तय समय पर दुकानें बंद हो जाती हैं, वहीं काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, रॉयल मार्केट, इमामी गेट, इतवारा और बुधवारा जैसे पुराने भोपाल के इलाकों में रातभर गतिविधियां चलती रहती हैं।

पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar से मुलाकात के दौरान सांसद ने एक पत्र भी सौंपा। उन्होंने मांग की कि पूरे शहर में बाजार बंद करने के लिए एक समान समय तय किया जाए. पुलिस आयुक्त ने सांसद को आश्वासन दिया कि इस दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वक्फ जमीन को लेकर भी बोले सांसद
मीडिया से बातचीत में आलोक शर्मा ने कहा कि “भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में विकास कार्यों के दौरान कई बार वक्फ जमीन का मुद्दा उठाकर रुकावट पैदा की जाती है। उन्होंने पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक बनी स्मार्ट रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि अब उस सड़क का उपयोग सभी समुदायों के लोग कर रहे हैं।
सांसद ने श्यामला हिल्स क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, लेकिन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।