Etawah Kathavachak Viral Video : उत्तरप्रदेश। इटावा में पीटे गए कथावाचकों को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय बुलाकर सम्मान किया है। बीते दिनों एक गांव में ब्राह्मण परिवार ने कथावाचक को श्रीमद्भागवत कथा के लिए इन्हें बुलाया था। कथा के दौरान इनकी जाति पूछी गई। यादव जाति बताए जाने के बाद कथावाचक के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जब जब पता चला कि कथावाचक यादव हैं तो उनकी पिटाई की गई, नाक रगड़वाई गई और उनके बाल मूढ़ दिए गए तो उन्होंने कथावाचक और उनके साथियों को पार्टी मुख्यालय बुलाया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार की आलोचना की और सत्ता में बैठे लोगों पर अन्याय को जारी रखने और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के सदस्यों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।' उन्होंने सवाल उठाया कि केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही भगवद गीता का पाठ करने या उसकी व्याख्या करने की अनुमति क्यों है, उन्होंने कहा कि यह सभी की है और भगवान कृष्ण से जुड़ी है।
मामला इटावा के बकेवर इलाके के दान्दरपुर गांव का था। यहां भागवत कथा के दौरान कथावाचक और उनके सहायकों की जाति पूछने के बाद बदसलूकी की गई। इस मामले पर अखिलेश यादव ने कहा था कि, 'पीडीए की एक जाति बताने पर, कुछ वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोगों ने साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके बाल कटवाए, नाक रगड़वाई और इलाके की शुद्धि कराई।'
'हमारा संविधान जातिगत भेदभाव की अनुमति नहीं देता है, ये व्यक्ति की गरिमा और प्रतिष्ठा से जीवन जीने के मौलिक अधिकार के विरुध्द किया गया अपराध है। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ़्तारी हो और यथोचित धाराओं में मुक़दमा दर्ज़ किया जाए। अगर आगामी 3 दिनों में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो हम ‘पीडीए के मान-सम्मान की रक्षा’ के एक बड़े आंदोलन का आह्वान कर देंगे। पीडीए के मान से बढ़कर कुछ नहीं।'