Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

Gopamau MLA Shyam Prakash

MLA Shyam Prakash: भाजपा विधायक से खेल गया AI, चुहल हुई तो सोशल मीडिया से हटाया फोटो

एआई भी कभी-कभी इतिहास पढ़कर तस्वीर बनाता है या फिर अपनी ही ‘राजनीतिक समझ’ लगा बैठता है, यह तो पता नहीं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश की बनाई गई...


mla shyam prakash भाजपा विधायक से खेल गया ai चुहल हुई तो सोशल मीडिया से हटाया फोटो

MLA Shyam Prakash: भाजपा विधायक से खेल गया AI, चुहल हुई तो सोशल मीडिया से हटाया फोटो |

बृजेश कबीर, हरदोई: एआई भी कभी-कभी इतिहास पढ़कर तस्वीर बनाता है या फिर अपनी ही ‘राजनीतिक समझ’ लगा बैठता है, यह तो पता नहीं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश की बनाई गई एक एआई तस्वीर ने सोशल मीडिया पर खूब चुहल करा दी। भाजपा विधायक तिरंगा थामे नजर आए और गले में तिरंगे रंग का पटका भी था, मगर पटके पर एआई ने कांग्रेस का ‘पंजा’ जमा दिया।

एआई ने खोल दी ‘पुरानी सियासी फाइल’ 

तस्वीर सोशल मीडिया पर आई तो लोगों को उसमें सिर्फ एआई की गलती नहीं, विधायक का सियासी सफर भी दिखाई देने लगा। किसी ने इसे एआई की ‘पुरानी फाइल’ खोलना बताया तो किसी ने मजाक में कहा, मशीन ने फोटो बनाने से पहले शायद राजनीतिक बायोडाटा भी पढ़ लिया। चर्चा बढ़ी तो तस्वीर सोशल मीडिया हैंडल से हटा दी गई। हालांकि तब तक स्क्रीनशॉट अपना काम कर चुका था। तस्वीर हट गई, लेकिन उसकी चुहल सोशल मीडिया पर बनी रही।

...तो याद आया सियासी सफर

श्याम प्रकाश का राजनीतिक सफर एक ही निशान के इर्द-गिर्द नहीं रहा है। उन्होंने 1993 में कांग्रेस से ही चुनावी डेब्यू किया था। तीन साल बाद 1996 में बसपा+कांग्रेस युति से तत्कालीन अहिरोरी सीट से पहली विधानसभा जीत दर्ज की। बसपा के ही टिकट पर 2002 में हार गए, लेकिन 2004 (उप चुनाव) में इसी सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 2007 का चुनाव सपा के सिम्बल पर तत्कालीन बावन - हरियावां सीट से लड़े और हारे। फिर, 2012 में सपा के टिकट पर नवगठित गोपामऊ से विधानसभा पहुंचे और 2017 तथा 2022 में भाजपा के टिकट पर इसी सीट से जीत दर्ज कर हैट्रिक जमाई। यानी श्याम प्रकाश के सियासी सफर में पंजा, हाथी, साइकिल और फिर कमल तक विस्तार रहा। ऐसे में एआई की तस्वीर में कमल की जगह पंजा देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स की हंसी छूटना स्वाभाविक था।

एआई की ‘राजनीतिक समझ’ पर लोग हुए लोटपोट

तस्वीर का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही रहा कि विधायक के हाथ में तिरंगा था, लेकिन गले में पड़े पटके ने मानो राजनीतिक इतिहास की पुरानी किताब खोल दी। एआई ने शायद सोचा हो कि आजादी की वर्षगांठ है, इसलिए तस्वीर में भी थोड़ा ‘सर्वदलीय रंग’ होना चाहिए। बहरहाल, एआई की यह गलती तकनीकी थी, लेकिन राजनीतिक संयोग ऐसा कि तस्वीर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना से ज्यादा विधायक के बदलते सियासी रंगों की चर्चा करा गई। तस्वीर हट गई, पंजा भी एआई की गलती निकला, लेकिन सोशल मीडिया की चुहल को कौन हटाए?

Related to this topic: