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MP Politics: बीजेपी कार्यकारिणी के बाद अब निगाहें निगम-मंडलों पर

MP Politics: बीजेपी कार्यकारिणी के बाद अब निगाहें निगम-मंडलों पर

mp politics बीजेपी कार्यकारिणी के बाद अब निगाहें निगम-मंडलों पर

बिहार चुनावों के बाद जारी हो सकती है सूची

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद अब पार्टी कार्यकर्ताओं की निगाहें निगम-मंडलों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों पर टिक गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नई टीम के ऐलान के साथ ही संगठन में सक्रिय वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अब इन पदों पर दायित्व मिलने की उम्मीदें लगा ली हैं।

सूची 15 नवंबर से पहले जारी होने की संभावना

पार्टी सूत्रों के अनुसार सैकड़ों दावेदार अपने-अपने क्षेत्रीय नेताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों के माध्यम से सिफारिशें भी कर चुके हैं। हालांकि, भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इन दिनों बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त है, जिसके चलते निगम-मंडलों की पहली सूची 15 नवंबर से पहले जारी होने की संभावना नहीं है।

पहली सूची में केवल प्रमुख नियुक्तियां संभावित

संगठन से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार निगम-मंडलों की पहली सूची का प्रारूप लगभग तैयार है। इसमें प्रदेश स्तरीय प्रमुख निगमों, मंडलों और विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष जैसी उच्च-स्तरीय नियुक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी।स्थानीय स्तर की नियुक्तियां- जैसे महाविद्यालयों की जनभागीदारी समितियों या नगर निगमों में वरिष्ठ पार्षदों की जिम्मेदारियां- बाद के चरणों में घोषित की जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि सूची 20 नवंबर के आसपास जारी हो सकती है।

कार्यकारिणी से छूटे दावेदारों की उम्मीदें निगम-मंडलों पर

इस बार प्रदेश कार्यकारिणी का स्वरूप सीमित रखा गया है। पार्टी नेतृत्व ने केवल 25 कार्यकर्ताओं को ही प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी दी है। ऐसे में कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की उम्मीदें अब निगम-मंडलों की ओर टिक गई हैं।संगठन का मत है कि जो नेता कार्यकारिणी में स्थान नहीं पा सके, उन्हें शासकीय दायित्वों के माध्यम से जोड़ा जाए, ताकि संगठन और सरकार के बीच समन्वय सुदृढ़ हो सके।

सक्रियता और सदस्यता अभियान बनेगा नियुक्ति का आधार

भाजपा संगठन ने स्पष्ट किया है कि आगामी नियुक्तियों में उन्हीं कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पार्टी के प्रति निरंतर समर्पण और सक्रियता दिखाई है। सदस्यता अभियान, बूथ स्तर की गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को ही इन पदों का अवसर मिलेगा।क्षेत्रीय संतुलन, अनुभव और संगठन के प्रति निष्ठा को भी चयन प्रक्रिया का मुख्य आधार बनाया जाएगा।

बिहार चुनाव

भाजपा नेतृत्व की प्राथमिकता इस समय बिहार विधानसभा चुनाव है।

पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को,

दूसरा चरण 11 नवंबर को,

और मतगणना 14 नवंबर को होगी।

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