Ayodhya Deepotsav 2026

Ayodhya Deepotsav 2026: रोशनी से जगमगाए अयोध्या के 56 घाट, 30 लाख दीपों से रोशन हुई रामनगरी

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में शनिवार को दीपोत्सव 2026 का आयोजन संपन्न हुआ।

By : विकास जैन
Ayodhya Deepotsav 2026: रोशनी से जगमगाए अयोध्या के 56 घाट, 30 लाख दीपों से रोशन हुई रामनगरी

Ayodhya Deepotsav 2026: रोशनी से जगमगाए अयोध्या के 56 घाट, 30 लाख दीपों से रोशन हुई रामनगरी

Ayodhya Deepotsav 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में शनिवार को दीपोत्सव 2026 का आयोजन संपन्न हुआ। 14 वर्ष का बनवास पूरा कर त्रेतायुग की तर्ज पर पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचे भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का रामकथा पार्क में भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम के स्वरूप का तिलक कर राज्याभिषेक किया और आरती उतारी। इसके साथ ही सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाकर एक नया नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया।

हेलीकॉप्टर से पहुंचे प्रभु श्रीराम

साकेत महाविद्यालय के पास बने हेलीपैड पर जब भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों को लेकर हेलीकॉप्टर उतरा, तो श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हेलीपैड पर प्रभु राम की अगवानी की। इस दौरान आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए अयोध्या नगरी पर पुष्पवर्षा की गई।

56 घाटों पर 30 लाख दीयों का विश्व रिकॉर्ड 

सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीयों को प्रज्वलित किया गया, जिससे पूरी रामनगरी अद्भुत और दिव्य रोशनी से जगमगा उठी। आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को उकेरा गया। इसके अलावा, रामकथा पार्क के पास 220 टन बालू से विशाल 'राम दरबार' की भव्य प्रतिकृति बनाई गई।

रामलीला और 21 झांकियां

इस बार के दीपोत्सव में पहली बार 151 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक साहबगंज रामलीला का मंचन किया गया। साकेत महाविद्यालय से रामपथ तक 21 भव्य झांकियां निकाली गईं, जिनमें रावण-जटायु युद्ध और वानर सेना के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। रामपथ के दोनों ओर हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया।