बस्तर में 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया। सुरक्षाबलों को 101 हथियार, 3.60 करोड़ कैश और 1 किलो सोना भी बरामद हुआ। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां 108 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। राज्य के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सरेंडर के साथ ही बड़ी संख्या में हथियार भी सुरक्षाबलों के पास आए हैं। पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी में इन नक्सलियों ने समाज में वापस लौटने का संकल्प लिया।
सरेंडर के साथ 101 हथियार जमा
गृह मंत्री विजय शर्मा के मुताबिक सरेंडर करने वाले 108 नक्सलियों ने कुल 101 हथियार भी जमा किए हैं। इन हथियारों में 6 AK-47, एक AK-47 PARG, 11 इंसास राइफल, एक कार्बाइन, 5 एसएलआर राइफल और बीजीएल समेत कई घातक हथियार शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में हथियार मिलना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जमीन में दबा मिला करोड़ों का कैश और सोना
नक्सलियों के सरेंडर के साथ ही सुरक्षाबलों को एक बड़ा डंप भी बरामद हुआ है। गृह मंत्री ने बताया कि बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी के पास जमीन में गाड़कर रखे गए डंप से करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद किया गया है। यह पैसा नक्सली संगठन की गतिविधियों के लिए रखा गया था, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
अलग-अलग रैंक के नक्सलियों ने छोड़ा संगठन
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में संगठन के अलग-अलग स्तर के सदस्य शामिल हैं। इनमें 6 डिवीजनल कमेटी मेंबर, 3 कंपनी प्लाटून कमेटी मेंबर, 19 पीपीसीएम रैंक के माओवादी, 23 एरिया कमेटी मेंबर, 55 पार्टी मेंबर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन सभी पर मिलाकर करीब 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
‘पूना मारगेम’ पहल के तहत मुख्यधारा में वापसी
बस्तर आईजी सुंदरराज पी के अनुसार, यह सरेंडर जगदलपुर में ‘पूना मारगेम’ यानी पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत हुआ है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े ये सभी माओवादी वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस अधिकारियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन की मौजूदगी में समाज की मुख्यधारा में लौटे।
बस्तर में 26 एरिया कमेटी खत्म, 4 पर कार्रवाई जारी
विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर संभाग में माओवादी संगठन की कुल 30 एरिया कमेटियां सक्रिय थीं। इनमें से 26 एरिया कमेटी खत्म हो चुकी हैं, जबकि 4 पर अभी कार्रवाई जारी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की रणनीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते बस्तर में नक्सलवाद तेजी से कमजोर हो रहा है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। इस डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए बस्तर में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। एक तरफ सुरक्षाबल कोर इलाकों में घुसकर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में माओवादी संगठन के सदस्य हथियार छोड़कर वापस समाज में लौट रहे हैं।