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तिरंगा फहराने पर मनेश नुरुटी की हत्या, जनअदालत में लिया फैसला

तिरंगा फहराने पर मनेश नुरुटी की हत्या, जनअदालत में लिया फैसला

तिरंगा फहराने पर मनेश नुरुटी की हत्या जनअदालत में लिया फैसला

Tricolour Hoisted On Naxalite Memorial Youth Killed : कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराने वाले मनेश नुरुटी (25) की नक्सलियों ने जनअदालत में गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, नक्सलियों ने मनेश पर पुलिस मुखबिरी का भी आरोप लगाया। यह घटना परतापुर थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में हुई। 17 अगस्त को नक्सलियों ने बैनर लगाकर हत्या की जिम्मेदारी ली और सरपंच रामजी धुर्वा सहित अन्य को धमकी दी।

ये है पूरा मामला

बिनागुंडा गांव का निवासी मनेश नुरुटी (25) ने 15 अगस्त 2025 को ग्रामीणों के साथ मिलकर नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस घटना का वीडियो 20 अगस्त को वायरल हुआ, जिसमें मनेश और अन्य ग्रामीण राष्ट्रीय ध्वज फहराते दिखे। इससे नाराज नक्सलियों ने 16 अगस्त को जनअदालत लगाकर मनेश की गला घोंटकर हत्या कर दी। 17 अगस्त को नक्सलियों ने गांव में बैनर लगाकर मनेश पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया और हत्या की जिम्मेदारी ली।

कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने बताया कि मनेश नुरुटी की हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बैनर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की है। एलिसेला ने कहा, “नक्सलियों ने तिरंगा फहराने और मुखबिरी के आरोप में हत्या की। हम मामले की गहन जांच कर रहे हैं।” पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हत्या नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराने के कारण हुई या अन्य कारण थे।

नक्सलियों की धमकी और बिनागुंडा मुठभेड़

नक्सलियों ने बैनर में सरपंच रामजी धुर्वा और बैजू नरेटी पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और पुलिस के साथ मिलकर मुखबिरी करने का आरोप लगाया। बैनर में 16 अप्रैल 2024 की बिनागुंडा मुठभेड़ का जिक्र है, जिसमें सुरक्षा बलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया था, जिसमें कुख्यात नक्सली नेता शंकर राव भी शामिल था। इस मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने क्षेत्र छोड़ दिया था, लेकिन अब वे फिर से सक्रिय हो रहे हैं।


नक्सलियों ने बैनर लगाकर मुखबिरी करने पर मौत की सजा की बात कही।

बीजापुर में भी नक्सली हिंसा

जून 2025 में बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों, समैय्या और वेको देवा की हत्या कर दी थी। समैय्या एक सरेंडर नक्सली था, जिसने 2025 में आत्मसमर्पण किया था, जबकि वेको देवा एक आम ग्रामीण था। दोनों सेंड्राबोर और एमपुर गांव के निवासी थे। पुलिस के अनुसार, नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में उनकी हत्या की।

इसके अलावा, उसूर थाना क्षेत्र के पेरमपल्ली गांव में नक्सलियों ने जुलाई 2025 में एक युवक को धारदार हथियार से मार डाला। हथियारबंद नक्सलियों ने युवक को घर से अपहरण कर गांव के बाहर हत्या की और शव फेंककर फरार हो गए।


परतापुर क्षेत्र में नक्सलियों ने बैनर में सरपंच समेत कई ग्रामीणों के नाम लिखे हैं।

25 साल में 1820 से अधिक हत्याएं

छत्तीसगढ़ में 2000 से अब तक नक्सलियों ने बस्तर संभाग में 1820 से अधिक लोगों की हत्या की है, जिसमें आम नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल हैं। बीजापुर जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं, लेकिन नक्सली हिंसा रुक नहीं रही। केंद्र और राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। 

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