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Langur Guard in Aligarh College

अलीगढ़ के कॉलेज में लंगूर ‘गोलू’ की लगी नौकरी, जाने क्या है काम और कितना है वेतनमान

अलीगढ़ के धर्म समाज कॉलेज में बंदरों से बचाव के लिए लंगूर को गार्ड रखा गया। 12 हजार सैलरी और 9 घंटे ड्यूटी से बदला कैंपस माहौल।


अलीगढ़ के कॉलेज में लंगूर ‘गोलू’ की लगी नौकरी जाने क्या है काम और कितना है वेतनमान

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित Dharma Samaj College इन दिनों एक अनोखे प्रयोग को लेकर चर्चा में है। यहां कॉलेज प्रशासन ने बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए एक लंगूर को गार्ड के रूप में तैनात किया है। यह कदम न केवल प्रभावी साबित हुआ है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

बंदरों के आतंक से परेशान था कॉलेज

कॉलेज परिसर में लंबे समय से बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। छात्र-छात्राओं और स्टाफ को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बंदर खाना छीन लेते थे, किताबें फाड़ देते थे और कई बार हमला भी कर देते थे। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था।प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि छात्रों में डर का माहौल बन गया था। ऐसे में प्रशासन ने पारंपरिक उपायों से हटकर यह नया तरीका अपनाया।

‘गोलू’ बना कैंपस का हीरो

कॉलेज ने ‘गोलू’ नाम के 12 साल के लंगूर को गार्ड की जिम्मेदारी सौंपी। गोलू सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कैंपस में तैनात रहता है। उसकी मौजूदगी से बंदर परिसर के आसपास भी नहीं भटकते.गोलू को इस काम के लिए करीब 12 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। उसका मुख्य काम कैंपस में निगरानी रखना और बंदरों को दूर भगाना है।

गोलू ने बंदरों की कर दी छुट्टी

लंगूर की तैनाती के बाद कॉलेज का माहौल पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले छात्र डर के कारण खुले में खाना नहीं खा पाते थे, वहीं अब वे बिना किसी चिंता के कैंपस में समय बिता रहे हैं।छात्रों का कहना है कि गोलू की वजह से अब उन्हें सुरक्षा का एहसास होता है और पढ़ाई पर ध्यान देना आसान हो गया है।

‘दोस्त’ बन गया गोलू

गोलू अब सिर्फ सुरक्षा कर्मी नहीं, बल्कि छात्रों का पसंदीदा भी बन गया है। छात्र उसके साथ फोटो खिंचवाते हैं और उसे परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं।उसके खाने में बैंगन, पपीता, आलू, टमाटर और रोटी जैसी चीजें शामिल हैं, जिनकी नियमित व्यवस्था की जाती है।

 

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