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संभल, जाति जनगणना, उन्नाव रेप केस पर प्रियंका गांधी बहुत कुछ बोलीं, पूछा सारी जिम्मेदारी नेहरू

संभल, जाति जनगणना, उन्नाव रेप केस पर प्रियंका गांधी बहुत कुछ बोलीं, पूछा सारी जिम्मेदारी नेहरू जी की है क्या?


संभल जाति जनगणना उन्नाव रेप केस पर प्रियंका गांधी बहुत कुछ बोलीं पूछा सारी जिम्मेदारी नेहरू जी की है क्या

नई दिल्ली। संसद में प्रियंका गांधी ने संभल, जाति जनगणना, उन्नाव रेप केस समेत कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने संविधान पर चर्चा करते हुए सत्ता पक्ष से कई सवाल किए। लोकसभा की अपनी अपनी पहली स्पीच में जहां एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा वहीं बिना नाम लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी तंज कसा। वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरते हुए यह तक पूछ लिया कि, सारी जिम्मेदारी नेहरू जी की है क्या?

पढ़िए संसद में प्रियंका गांधी के क्या - क्या कहा -

"सत्ता पक्ष के मेरे साथी ज्यादातर अतीत की बातें करते हैं। कहते हैं- उस समय ऐसा हुआ, नेहरू जी ने क्या किया। अरे, आप वर्तमान की बात करिए। देश को बताइए कि आप क्या कर रहे हैं, आपकी जिम्मेदारी क्या है? या सारी जिम्मेदारी जवाहरलाल नेहरू जी की है?"

"उन्नाव में मैं एक रेप पीड़िता के घर गई। उसके खेत जलाए गए थे और उसके भाइयों को पीटा गया था। मैं उस बच्ची के पिता से मिली। उस बच्ची के पिता ने कहा: 'मुझे न्याय चाहिए। मेरी बेटी अपने जिले में FIR दर्ज कराने गई तो उसे मना किया गया। फिर उसे दूसरे जिले जाना पड़ा। वो रोज सुबह उठकर अकेली अपना मुकदमा लड़ने दूसरे जिले में ट्रेन से जाती थी। पिता ने बताया कि मैं उसे मना करता था कि ये लड़ाई छोड़ दो, लेकिन उस बच्ची ने कहा कि 'पिता जी, ये मेरी लड़ाई है, जिसे मैं लडूंगी। उस बच्ची और देश की करोड़ों महिलाओं को ऐसी हिम्मत हमारे संविधान ने दी है।"

"हमारा संविधान एक 'सुरक्षा कवच' है। एक ऐसा 'सुरक्षा कवच' जो नागरिकों को सुरक्षित रखता है - यह न्याय, एकता, अभिव्यक्ति के अधिकार का 'कवच' है। यह दुखद है कि 10 सालों में बड़े-बड़े दावे करने वाले सत्ता में बैठे लोगों ने इस 'कवच' को तोड़ने की पूरी कोशिश की है। संविधान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का वादा करता है। ये वादे एक सुरक्षा कवच हैं और इसे तोड़ने का काम शुरू हो गया है। लैटरल एंट्री और निजीकरण के ज़रिए यह सरकार आरक्षण को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।"

"जिसका नाम लेने में कभी आप झिझकते हैं, उसने HAL, BHEL, SAIL, GAIL, ONGC, NTPC, रेलवे, IIT, IIM, ऑयल रिफाइनरी और कई PSU स्थापित किए। उसका नाम किताबों से मिटाया जा सकता है, भाषणों से मिटाया जा सकता है लेकिन इस देश की आजादी में, इस देश के निर्माण में उसकी भूमिका इस देश से कभी नहीं मिट सकती।"

"आज देश की जनता मांग कर रही है कि जाति जनगणना कराई जाए। सत्ताधारी पार्टी के साथियों ने इसका जिक्र किया, लोकसभा चुनाव में भी इसका जिक्र इन्हीं नतीजों की वजह से हो रहा है। जाति जनगणना इसलिए जरूरी है ताकि हम सबकी स्थिति जान सकें और उसके हिसाब से नीतियां बना सकें।"

"संभल के शोकाकुल परिवारों से कुछ लोग हमसे मिलने आए। उनमें दो बच्चे थे - अदनान और उजैर। उनमें से एक मेरे बेटे की उम्र का था और दूसरा उससे छोटा, 17 साल का। उनके पिता दर्जी थे। दर्जी का एक ही सपना था - कि वह अपने बच्चों को पढ़ाएगा, बेटा होगा डॉक्टर बनो और दूसरा भी सफल होगा...पुलिस ने उसके पिता को गोली मार दी। 17 वर्षीय अदनान ने मुझे बताया कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा और अपने पिता का सपना पूरा करेगा। यह सपना और उम्मीद उसके दिल में भारत के संविधान ने डाली है।"

"पहले एक कहानी होती थी। राजा भेष बदलकर लोगों के बीच आलोचना सुनने जाता था। आज के राजा को भी भेष बदलने का बहुत शौक है लेकिन उनमें न जनता के बीच जाने की हिम्मत है और न आलोचना सुनने की।"

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