Prasidh Krishna IPL 2025: आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के स्टार गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा इस सीजन में शानदार लय में नजर आ रहे हैं। 10 मैचों में 19 विकेट लेकर उन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से सभी को हैरान कर दिया है। उनकी इकॉनमी भी शानदार 7.48 की रही है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए उनका चयन लगभग तय माना जा रहा है। इसके बावजूद प्रसिद्ध कृष्णा के दिल में एक पुराना दर्द अब भी दबा हुआ है, जिसे उन्होंने हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पर्पल कैप मिलने के बाद साझा किया।
प्रसिद्ध कृष्णा ने बयां किया पुराना दर्द
प्रसिद्ध कृष्णा इस सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और इंग्लैंड में होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। उनकी तेज आक्रामक गेंदबाजी और स्वाभाविक उछाल इंग्लैंड के पिचों पर और भी घातक साबित हो सकती है।
बता दें कि जब उनसे इंग्लैंड दौरे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इशारों-इशारों में अपना पुराना दर्द बयां किया। कृष्णा ने कहा, "मेरे कमरे में लाल गेंद है, जिससे मैं खेल रहा हूं। मैं इसे मैदान पर नहीं ले जा सका। अभी मैं इस टूर्नामेंट पर ध्यान देना चाहता हूं, फिर देखते हैं बाद में क्या होता है।"
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मौके की कमी पर जताई असहमति
प्रसिद्ध कृष्णा को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा बनने का मौका मिला, लेकिन उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। इस मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी की और दोनों पारियों में 3-3 विकेट लिए। हालांकि, उनके बयान से लगता है कि उन्हें कप्तान और कोच से ज्यादा भरोसा नहीं मिला, जो उनकी नाराजगी की वजह हो सकती है।
कृष्णा का मानना है कि अगर उन्हें और मौके मिलते, तो वे अधिक प्रभावी साबित हो सकते थे। अब इंग्लैंड दौरे पर यह देखना होगा कि आईपीएल 2025 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित शर्मा उन्हें कितने मौके देते हैं।
घातक गेंदबाजी का राज
प्रसिद्ध कृष्णा ने SRH के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाजी का राज भी साझा किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय गुजरात टाइटन्स के हेड कोच आशीष नेहरा को दिया, जिनके मार्गदर्शन में उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली। इसके साथ ही कृष्णा ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अपने बेसिक्स पर खास ध्यान दिया है, जिससे उनकी लेंथ में सुधार हुआ है।
अब वह अपनी लंबाई पर बेहतर नियंत्रण रख पाते हैं और सही क्षेत्रों में गेंदबाजी कर पाते हैं। इन बदलावों ने उन्हें सफलता दिलाई है। साथ ही उनकी गेंदबाजी को और भी घातक बना दिया है।