Demerit points system : IPL 2025 में खेल का नियम बदल गया है। इंडियन प्रीमियर लीग के नए सीजन की शुरुआत से पहले BCCI ने बड़ा बदलाव करते हुए डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू कर दिया है। अब स्लो ओवर रेट पर सीधे बैन नहीं लगेगा, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट की तर्ज पर डिमेरिट पॉइंट्स के आधार पर सज़ा दी जाएगी। खास बात यह है कि यह सिस्टम सिर्फ कप्तानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और पूरा कोड ऑफ कंडक्ट शामिल होगा। नियम तोड़ने पर खिलाड़ियों को 5 मैच तक के बैन का सामना करना पड़ सकता है।
IPL 2025 से पहले बीसीसीआई ने किए बड़े बदलाव
आईपीएल 2025 सीजन के शुरू होने से पहले मुंबई में बीसीसीआई अधिकारियों और सभी 10 टीमों के कप्तानों के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में कप्तानों को नए नियमों की जानकारी दी गई, जिनमें सबसे अहम बदलाव कोड ऑफ कंडक्ट को लेकर हुआ है। अब तक खिलाड़ियों को गलत व्यवहार पर केवल जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन इस बार से उन्हें डिमेरिट पॉइंट्स भी दिए जाएंगे। ये पॉइंट्स तीन साल तक रिकॉर्ड में रहेंगे और ज्यादा पॉइंट्स जुड़ने पर खिलाड़ी पर बैन भी लग सकता है। लेवल-1 उल्लंघन पर 1 डिमेरिट पॉइंट और 25% मैच फीस का जुर्माना होगा, जबकि लेवल-4 तक के गंभीर उल्लंघन पर 7-8 डिमेरिट पॉइंट्स तक मिल सकते हैं।
5 मैचों तक लग सकता है प्रतिबंध
डिमेरिट पॉइंट्स सिस्टम में सज़ा किस स्तर पर मिलेगी, इसका भी स्पष्ट नियम तय किया गया है। कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 7.6 के अनुसार, अगर किसी खिलाड़ी के खाते में 4 से 7 डिमेरिट पॉइंट्स जुड़ते हैं, तो उस पर एक मैच का बैन लगाया जाएगा। 8 से 11 डिमेरिट पॉइंट्स होने पर खिलाड़ी को दो मैचों के लिए निलंबित किया जाएगा। वहीं अगर किसी खिलाड़ी के खाते में तीन साल की अवधि में 12 से 15 डिमेरिट पॉइंट्स दर्ज होते हैं, तो उस पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगेगा। सबसे गंभीर स्थिति तब होगी जब किसी खिलाड़ी के डिमेरिट पॉइंट्स 16 या उससे अधिक हो जाएं । बता दें ऐसे में उसे पांच मैचों तक सस्पेंड किया जा सकता है।