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शेख हसीना के गढ़ में हिंसा, यूनुस पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

शेख हसीना के गढ़ में हिंसा, यूनुस पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

Bangaldesh News: बांग्लादेश में चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस पर बड़ा आरोप लगा है l

शेख हसीना के गढ़ में हिंसा यूनुस पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

Bangaldesh News: बांग्लादेश में एक बार फिर चुनाव को लेकर सियासत गर्मा गई है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने मोहम्मद यूनुस पर सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव टालने के लिए दंगों और साजिशों का सहारा ले रहे हैं।

बीएनपी के वरिष्ठ नेता ज़ैनुल आबिदीन फारूक ने ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि जैसे ही चुनाव की तारीख नज़दीक आती है तोे श में कोई न कोई हिंसक घटना जरूर होती है। उन्होंने हाल ही में गोपालगंज में हुई हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि ये सब जानबूझकर कराया जा रहा है ताकि लोकतंत्र को कमजोर किया जा सके।

गोपालगंज हिंसा क्या थी 

गोपालगंज हिंसा की बात करें तो बुधवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की रैली के दौरान बवाल मच गया। बताया गया कि जब रैली चल रही थी तभी सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग के समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और भीड़ को काबू में करने के लिए सेना को गोलियां तक चलानी पड़ीं। खास बात ये है कि गोपालगंज प्रधानमंत्री शेख हसीना का गढ़ माना जाता है और ये उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान का गृह जिला भी है।

फारूक ने इस घटना को साजिश करार देते हुए कहा, "जब भी लंदन में हमारे नेता तारिक रहमान से चुनाव को लेकर बातचीत होती है बांग्लादेश में किसी न किसी रूप में हिंसा भड़काई जाती है। अब ये संयोग नहीं बल्कि सोची-समझी योजना लगती है।"

इतना ही नहीं उन्होंने जमात-ए-इस्लामी पर भी हमला बोला और कहा कि 1971 में जब पाकिस्तानी सेना ने बंगालियों पर हमला किया था तब किसने जश्न मनाया, ये देश कभी नहीं भूलेगा। जमात को अपनी गलती स्वीकार कर देश से माफी मांगनी चाहिए।

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