अमेरिका के मिसाइल हमले के बाद ईरान में तीन IRGC जवानों की मौत हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की नई चेतावनी ने क्षेत्रीय तनाव और समुद्री व्यापार पर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी मिसाइल हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तीन जवानों की मौत की पुष्टि खुद IRGC ने की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर किया गया। घटना के बाद मध्य-पूर्व में सुरक्षा हालात फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार इस कार्रवाई में 100 से अधिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। खोर्रमशहर, अबादान, बंदर-ए-महशहर, नूराबाद, बुशहर, केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक और अहवाज समेत कई स्थान निशाने पर रहे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि ऑपरेशन का उद्देश्य गोला-बारूद डिपो, मिसाइल साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, राडार और सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाना था। अमेरिका ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों पर कथित मिसाइल हमले की कोशिश के जवाब में की गई और ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक लिया गया।
रिहायशी इलाकों तक पहुंचा हमलों का असर
एयर स्ट्राइक के बाद ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। केशम द्वीप के चाह-टैंगो क्षेत्र में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। राहत दल ने मलबे से दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार घर में पांच लोग मौजूद थे जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। इसके अलावा अहवाज, अबादान, अरवंदकेनार, शादेगान और बंदर अब्बास के आसपास भी धमाकों की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन स्थानों से अतिरिक्त जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप का सख्त संदेश और अमेरिकी दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके थे कि अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। हमले के बाद भी अमेरिकी पक्ष ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। CENTCOM ने अपने बयान में दोहराया कि अभियान का मकसद अमेरिकी बलों के खिलाफ संभावित खतरे को रोकना था।
होर्मुज पर ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता
हमलों के बाद IRGC ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका पूरा नियंत्रण है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के उकसावे में आए दो तेल टैंकर दक्षिणी क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक टैंकर में आग लगने के बाद दोनों जहाज वापस लौट गए। IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार पर असर को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।