अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग पांचवें दिन और भड़की, दुबई में अमेरिकी दूतावास पर हमले का दावा, तेहरान-बेरूत में इजराइली बमबारी
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग आज पांचवें दिन में दाखिल हो चुकी है और हालात हर घंटे और ज्यादा तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने दुबई में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया, जबकि जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने तेहरान और बेरूत पर जोरदार हवाई हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में खलबली मची हुई है।
IRGC का दावा: दो दिन में 650 अमेरिकी सैनिक हताहत
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उसके जवाबी हमलों में शुरुआती दो दिनों के भीतर करीब 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। हालांकि अमेरिका ने इन आंकड़ों को खारिज किया है और किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. यही वजह है कि दोनों देशों के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच फिलहाल बड़ा फर्क दिखाई दे रहा है.
अमेरिका का ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’
अमेरिका ने इस पूरे सैन्य अभियान को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। अमेरिकी दावों के मुताबिक ईरान के 17 जहाज तबाह किए गए हैं, जिनमें एक पनडुब्बी भी शामिल है,ऑपरेशन में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शामिल हैं,करीब 200 फाइटर जेट, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और बमवर्षक विमान तैनात किए गए,ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलों और ड्रोन नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया गया,हालांकि ईरान इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया हुआ बता रहा है।
परमाणु ठिकानों पर हमले, मिडिल ईस्ट पूरी तरह चपेट में
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलस रहा है। मंगलवार को ईरान के परमाणु ठिकानों, राष्ट्रपति कार्यालय समेत कई अहम जगहों पर भीषण बमबारी हुई। इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, दुबई और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, अब तक के आंकड़ों के मुताबिक 742 ईरानी नागरिकों और 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है।
रूस, चीन और यूरोप की एंट्री से बढ़ा खतरा
ईरान पर हमले के बाद रूस ने तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी दी है। इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और उसके सहयोगियों का समर्थन करने की बात कही थी। वहीं चीन ने साफ कहा है कि वह ईरान के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, इसका सीधा संकेत है कि अब इस संघर्ष में कई बड़े देश खुलकर सामने आ चुके हैं।
हिंद महासागर में अमेरिकी जंगी जहाज पर हमला: IRGC
IRGC ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने हिंद महासागर में एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाया। ईरान के प्रेस टीवी के मुताबिक यह हमला ईरान की सीमा से करीब 600 किलोमीटर दूर किया गया, जब जहाज एक अमेरिकी टैंकर से फ्यूल भर रहा था। IRGC का कहना है कि इस हमले में ‘ग़दर-380’ और ‘तलाईह’ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनकी रेंज करीब 2,000 किलोमीटर तक बताई जा रही है।
आगे क्या?
दोनों तरफ से बयान और हमले जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि यह जंग जल्द थमने वाली नहीं दिखती। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई कूटनीतिक रास्ता खुलेगा, या फिर हालात और बड़े टकराव की ओर बढ़ेंगे।