ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में सैनिकों के ठिकाने बदले। पेंटागन को 40 हजार सैनिकों पर हमले की आशंका
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अलग-अलग जगहों पर तैनात अपने सैन्य कर्मचारियों को दूसरी जगहों पर भेजना शुरू कर दिया है। यह बदलाव ईरान के साथ सीधे सैन्य टकराव के बढ़ते खतरे को देखते हुए किया जा रहा है। पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, कतर के अल उदीद एयर बेस से सैकड़ों सैनिकों को दूसरी जगह भेजा गया है। इसी तरह के बदलाव बहरीन (जहां नेवी के 5वें बेड़े का मुख्यालय है), इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी देखे गए हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर को भी ईरान की पहुंच से दूर रखा जा रहा है।
40 हजार सैनिक ईरान के निशाने पर हो सकते हैं
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को आशंका है कि इस इलाके में अभी तैनात 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक युद्ध की स्थिति में ईरान का मुख्य निशाना बन सकते हैं। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अब टकराव होता है, तो वह जून 2025 में अल उदीद पर हुए हमले से काफी अलग होगा। उस समय ईरान ने अमेरिका को पहले से जानकारी दे दी थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। जेरूसलम पोस्ट ने संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन की एक सख्त चेतावनी का भी जिक्र किया है। इसमें कहा गया था कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो इस इलाके में दुश्मन सेना के सभी बेस और संपत्तियां उनके निशाने पर होंगी।
जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, ये तैयारियां लंबे समय तक चलने वाले टकराव की ओर इशारा करती हैं। हालांकि ट्रंप प्रशासन आधिकारिक तौर पर कूटनीतिक समाधान खोजने की बात कर रहा है, लेकिन कई जानकारों का मानना है कि तेहरान के मौजूदा प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य हमला करने से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में ईरान में सत्ता परिवर्तन का विचार दिया था, जिसके बाद से अंदरूनी योजनाएं और भी बारीक और व्यापक हो गई हैं।
डिफेंस सिस्टम की तैनाती
इन खतरों को देखते हुए अमेरिका अपनी सेना और हितों की सुरक्षा के लिए पश्चिम एशिया में एयर डिफेंस सिस्टम को शिफ्ट कर रहा है। इसके साथ ही दो एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरानी इलाके से काफी दूरी पर रखने का फैसला किया गया है, ताकि वे जवाबी कार्रवाई के दौरान आसान निशाना न बनें।
फिर सुलग रही है खामेनेई के खिलाफ आग
तेहरान। ईरान में एक बार फिर से विद्रोह की ज्वाला भड़कती नजर आ रही है। बांग्लादेशी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, ईरान के कई विश्वविद्यालयों के छात्रों ने अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। इससे पहले भी ईरान की सड़कों पर भारी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं, जिनसे जुड़ी हिंसा की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं। पिछले माह हुई जानलेवा सुरक्षा कार्रवाई के बाद यह सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा है। बांग्लादेशी मीडिया यूएनबी के मुताबिक, बीबीसी ने फुटेज वेरिफाई किया है, जिसमें तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के कैंपस में प्रदर्शनकारी विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। बाद में प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थकों के बीच झड़प की खबर भी सामने आई है।