अमेरिका ने होर्मुज से जहाज निकालने का ऑपरेशन अचानक रोका। ट्रम्प ने कहा पाकिस्तान की अपील पर फैसला लिया गया। जानें 24 घंटे के बड़े अपडेट्स और असर।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित निकालने वाला ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ अचानक रोक दिया। यह ऑपरेशन महज दो दिन पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब इसे बंद करने के पीछे पाकिस्तान की अपील और ईरान के साथ बातचीत को वजह बताया जा रहा है।
क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और क्यों हुआ बंद?
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था।लेकिन Donald Trump ने ऐलान किया कि पाकिस्तान की ओर से ऑपरेशन रोकने की अपील की गई थी। साथ ही, ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा में बातचीत भी आगे बढ़ रही है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
ईरान बोला- अमेरिका को पीछे हटना पड़ा
ईरान के सरकारी मीडिया ने इस फैसले को अपनी जीत बताया है। उनका दावा है कि अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग को खोलने में नाकाम रहा और मजबूर होकर पीछे हट गया। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
ऑपरेशन शुरू होते ही बढ़े हमले
ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने सख्त रुख अपनाया. दक्षिण कोरिया के जहाज पर हमला. UAE पर मिसाइल और ड्रोन अटैक. चेतावनी: बिना अनुमति कोई जहाज नहीं गुजर सकता. इन घटनाओं ने हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया।
भारत पर असर: सरकार ने जताई नाराजगी
UAE में हमले के दौरान भारतीय नागरिकों के घायल होने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।भारत ने साफ कहा कि आम नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और सभी पक्ष तुरंत हिंसा रोकें।यह संकेत देता है कि भारत इस पूरे संकट को लेकर सतर्क है, क्योंकि उसका बड़ा हिस्सा तेल आयात इसी मार्ग से होता है।
क्यों अहम है होर्मुज संकट?
Strait of Hormuz से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का मतलब है:तेल की कीमतों में उछाल, शिपिंग लागत में वृद्धि, भारत जैसे देशों पर आर्थिक दबाव. इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट का यह संकट सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला मुद्दा बन चुका है।