यूक्रेन ने रूस पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। मॉस्को समेत कई इलाकों में तबाही, 1 भारतीय नागरिक की भी मौत।
यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर बड़ा और खतरनाक मोड़ ले लिया है। शनिवार रात यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल बताया गया है।रूस में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है।
दूतावास के अनुसार, इस हमले में तीन अन्य भारतीय घायल भी हुए हैं। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की है। फिलहाल मृतक और घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
मॉस्को समेत कई इलाकों में धमाके
रूसी प्रशासन के मुताबिक, मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों में रातभर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। एयर रेड सायरन बजाए गए और कई जगहों पर ड्रोन के मलबे गिरने की खबरें आईं। मॉस्को में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि यूक्रेन सीमा से लगे बेलगोरोद क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति की जान गई। हमले में करीब 12 लोग घायल हुए हैं। इनमें ऑयल रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सेमीकंडक्टर प्लांट और ऑयल रिफाइनरी बने निशाना
यूक्रेनी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ऑपरेशन में रूस के सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमले में मॉस्को स्थित एंगस्ट्रेम प्लांट भी प्रभावित हुआ। यह प्लांट रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर तैयार करता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन पर भी ड्रोन हमले किए गए। रूस के कुछ टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया कि जेलेनोग्राद स्थित एल्मा टेक्नोपार्क में आग लग गई। यहां माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स से जुड़ी कंपनियां काम करती हैं।
क्रीमिया में एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया
यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में भी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई सेना के साथ मिलकर की गई।
एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा असर
ड्रोन हमलों का असर मॉस्को के एयर ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 फ्लाइट्स लेट या रद्द हुईं, जबकि व्नुकोवो एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें प्रभावित रहीं। कुछ जगहों पर एयरपोर्ट परिसर के पास ड्रोन के टुकड़े मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि किसी बड़े विमान हादसे की खबर नहीं है।
रूस ने 1000 से ज्यादा ड्रोन मार गिराने का दावा किया
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 24 घंटे के भीतर 1054 यूक्रेनी ड्रोन, कई गाइडेड बम और मिसाइलों को नष्ट किया। मंत्रालय के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल और नेपच्यून-एमडी मिसाइल को भी इंटरसेप्ट किया। हालांकि यूक्रेन ने इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
जेलेंस्की बोले- जवाब देना जरूरी था
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन के नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है, इसलिए जवाबी कार्रवाई जरूरी थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह हमला हाल के महीनों के सबसे बड़े ड्रोन ऑपरेशनों में गिना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।