अमेरिका में रक्षा तंत्र के भीतर बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को पद से हटा दिया है। इससे पहले आर्मी चीफ को भी हटाया जा चुका है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और फारस की खाड़ी में सैन्य गतिविधियां तेज हैं।
रक्षा नेतृत्व में लगातार बदलाव
पेंटागन की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में नौसेना प्रमुख को हटाने की पुष्टि की गई, हालांकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार, फेलन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। खासकर नौसेना के आधुनिकीकरण, जहाज निर्माण और प्रबंधन को लेकर दोनों के बीच टकराव बढ़ रहा था। अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत और पनडुब्बियां तैयार कर रहा है, लेकिन कई प्रोजेक्ट समय से पीछे चल रहे हैं और लागत भी बढ़ रही है। ऐसे में नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठे।
कमांड चेन तोड़ने का आरोप
जॉन फेलन पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने पारंपरिक सैन्य कमांड सिस्टम को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क किया। अमेरिकी सेना में आमतौर पर निर्णय एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होते हैं, लेकिन इस प्रोटोकॉल के उल्लंघन से रक्षा मंत्रालय में असंतोष बढ़ा।
आर्मी चीफ को भी पहले हटाया गया
इससे पहले 2 अप्रैल को आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को भी समय से पहले पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह कार्यवाहक के रूप में नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे रक्षा नेतृत्व में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार अपने भरोसेमंद अधिकारियों को शीर्ष पदों पर लाने की रणनीति के तहत यह कदम उठा रही है।
परमाणु विभाग में भी कार्रवाई
इसी बीच एक और बड़ा मामला सामने आया है। परमाणु विभाग से जुड़े अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे कथित तौर पर हनी ट्रैप का शिकार हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उनके द्वारा संवेदनशील सुरक्षा जानकारी साझा करने का दावा किया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
ईरान तनाव के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में रक्षा तंत्र में किसी भी तरह की चूक या असहमति को गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा हालात में अमेरिका अपने सैन्य नेतृत्व को अधिक मजबूत और समन्वित बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।