ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया। पंजाब सरकार ने मंत्रियों के लिए ईंधन रोक दिया, स्कूल-कॉलेज बंद और सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध का असर अब पाकिस्तान के अंदरूनी हालात पर साफ दिखने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। नतीजा यह कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ को कड़े कदम उठाने पड़े। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक पेट्रोलियम संकट खत्म नहीं होता, राज्य सरकार के मंत्रियों को सरकारी पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा।
मंत्रियों के काफिले पर रोक, भत्ते में कटौती
सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कई नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। अब मंत्रियों के साथ चलने वाले बड़े-बड़े प्रोटोकॉल काफिलों पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के नाम पर केवल एक वाहन साथ रखने की अनुमति होगी। इसके अलावा सरकारी अधिकारियों के पेट्रोल-डीजल भत्ते में भी तुरंत प्रभाव से 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। यानी अब अधिकारियों को भी कम ईंधन में काम चलाना होगा।
स्कूल-कॉलेज बंद, पढ़ाई ऑनलाइन
तेल की बचत के लिए पंजाब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। सरकार के आदेश के मुताबिक 10 मार्च से 31 मार्च तक सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे। हालांकि परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी, लेकिन पढ़ाई के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प दिया गया है। इस फैसले का मकसद स्कूलों और कॉलेजों में आने-जाने वाले वाहनों से होने वाली ईंधन खपत को कम करना है।
सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम
ईंधन संकट से निपटने के लिए सरकारी दफ्तरों में भी वर्क फ्रॉम होम नीति लागू कर दी गई है। केवल वही कर्मचारी कार्यालय आएंगे जिनकी मौजूदगी बेहद जरूरी है। निजी कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें ताकि यात्रा कम हो और ईंधन की बचत हो सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द, बाजार जल्दी बंद
सरकार ने कई सार्वजनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तान का प्रसिद्ध हॉर्स एंड कैटल शो समेत कई बड़े आयोजन फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे देर रात तक बाजारों में घूमने या गैर-जरूरी कार्यक्रमों में जाने से बचें। बाजार जल्दी बंद करने और बिजली व ईंधन बचाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जमाखोरी रोकने के लिए हाईटेक निगरानी
पेट्रोल की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग रोकना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी वजह से पंजाब सरकार ने जिला स्तर पर पेट्रोलियम निगरानी समितियां बनाई हैं। साथ ही पंजाब सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड को एक ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस सिस्टम के जरिए यह निगरानी रखी जाएगी कि पेट्रोल पंपों तक पहुंचने वाला ईंधन कहां जा रहा है और कहीं उसे ज्यादा दाम पर तो नहीं बेचा जा रहा।
विशेषज्ञों की चेतावनी
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो पाकिस्तान की स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल सरकार इन असाधारण फैसलों के जरिए संकट को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। मगर आम लोगों के लिए आने वाले दिन आसान नहीं दिख रहे हैं।