पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात युद्ध जैसे हो गए हैं। दोनों तरफ एयरस्ट्राइक और ड्रोन हमलों के दावे, सैकड़ों मौतों की खबरें। कई देशों ने संयम और बातचीत की अपील की।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। दोनों देशों की तरफ से हमलों और जवाबी कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बयानबाज़ी से आगे बढ़कर खुली जंग जैसी तस्वीर सामने आ रही है। गुरुवार रात से शुरू हुई झड़प अब लगातार तेज होती जा रही है।
एयरस्ट्राइक और ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’
पाकिस्तान एयरफोर्स ने अपने अफगानिस्तान के कई इलाकों में दोबारा एयरस्ट्राइक करने का दावा किया है। इसके जवाब में अफगान पक्ष ने कहा कि उसने इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
दूसरी तरफ पाकिस्तान ने ‘गजब लिल हक’ नाम से ऑपरेशन शुरू करने की बात कही और कहा कि उसके हमलों में 274 अफगान लड़ाके मारे गए, 400 से ज्यादा घायल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन दोनों तरफ से करीब 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं।
जेट गिराने और चौकियों पर कब्जे का दावा
अफगान मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि तालिबानी लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी जेट भी मार गिराया। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई। अफगान सरकार का यह भी दावा है कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उसके पास हैं और पाकिस्तानी सेना के एक मुख्यालय सहित 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है, अब खुला युद्ध छिड़ चुका है।”
पाकिस्तान का आरोप: तालिबान सरकार गैर-कानूनी
सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी करार देते हुए कहा कि वहां महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान में हाल के दो हमलों, जिनमें एक शिया मस्जिद पर हमला शामिल है, का जिक्र करते हुए कहा कि अफगान तालिबान आतंकियों को पनाह दे रहा है।
ड्रोन पर रोक, संसद में निंदा प्रस्ताव
बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने देशभर में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल रोक लगा दी है। गृह मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह जरूरी कदम है। उधर पाकिस्तान की संसद के ऊपरी सदन ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। सीनेट ने चेतावनी दी कि देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का सख्त जवाब दिया जाएगा।
शहबाज शरीफ और सेना की तैयारी
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय जाकर हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान की कोई भी दुश्मनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और अपील
अमेरिका ने अपने नागरिकों को अफगानिस्तान न जाने की सलाह दी है। चेतावनी स्तर 4 ‘डू नॉट ट्रैवल’ पर कायम है। कतर ने दोनों देशों से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही।
जमीनी हालात: लोग घर छोड़कर भागे
अल जजीरा से बातचीत में जरगून नाम के एक अफगान नागरिक ने बताया कि गुरुवार रात हमले के बाद लोग अपने परिवारों के साथ भागने लगे। कई लोग सामान छोड़कर भागे, कुछ बच्चे तक लापता हो गए। तीन से चार लोग घायल होने की भी खबर है। स्थिति तेजी से बदल रही है। दावे और पलटदावे जारी हैं। लेकिन एक बात साफ है। अगर जल्द बातचीत का रास्ता नहीं निकला, तो यह टकराव पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।