पाकिस्तान-अफगानिस्तान सैन्य संघर्ष में 300 से ज्यादा मौत का दावा। एयरस्ट्राइक, ड्रोन हमले और सीमा पर तनाव बढ़ा। ट्रम्प बोले- जरूरत पड़ी तो दखल देंगे।
नई दिल्ली। सरहद पर फिर बारूद की गंध है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बीती रात से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई अब खुले टकराव में बदलती दिख रही है। दोनों देशों के दावों के मुताबिक 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक घायल हैं। सीमा पार गोलाबारी, एयरस्ट्राइक और ड्रोन हमलों के बीच हालात तेजी से बिगड़े हैं। बयानबाज़ी भी उतनी ही तीखी है।
एयरस्ट्राइक से शुरू हुआ ताजा संघर्ष
पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की पुष्टि की। इसके जवाब में अफगान तालिबान ने भी कार्रवाई का दावा किया। सीमा के दोनों ओर रातभर गोलाबारी की खबरें आती रहीं। पाकिस्तान ने अपने अभियान को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ नाम दिया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया और नंगरहार जैसे इलाकों में हमले किए जाने का दावा किया है।
पाकिस्तान का दावा- 274 लड़ाके ढेर
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के मुताबिक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट करने का भी दावा किया गया है। हालांकि अफगान तालिबान ने इन आंकड़ों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके 8 से 13 लड़ाके मारे गए, जबकि 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। सच क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।

ट्रम्प का बयान- मैं दखल दे सकता हूं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका दखल देगा, तो उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे हस्तक्षेप कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान इस समय “काफी अच्छा प्रदर्शन” कर रहा है और उनके पाकिस्तान से अच्छे संबंध हैं। ट्रम्प के इस बयान को क्षेत्रीय समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। अमेरिका की भूमिका को लेकर अटकलें तेज हैं।
पाकिस्तान का आरोप- आतंकी हमलों के पीछे भारत
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि देश में हो रहे आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका आरोप है कि अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल इन गतिविधियों के लिए किया जाता है। भारत की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ड्रोन हमले और नया मोर्चा
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने पाकिस्तान के भीतर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने दावा किया कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालात की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल रोक लगा दी है।
संसद में निंदा प्रस्ताव, ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
पाकिस्तान की संसद ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर सख्त रुख दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक कर TTP के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था। इस कार्रवाई के बाद से तनाव लगातार बढ़ रहा था। इस्लामाबाद लंबे समय से कहता रहा है कि TTP अफगानिस्तान से संचालित हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
सीमा पर सन्नाटा, लेकिन खतरा बरकरार
तोरखम सीमा पर धुएं के गुबार और अस्पतालों में घायलों की तस्वीरें हालात की गंभीरता दिखा रही हैं। आम नागरिकों पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कूटनीतिक प्रयास जल्द शुरू नहीं हुए तो यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। फिलहाल दोनों देश एक-दूसरे को चेतावनी दे रहे हैं, और सरहद पर तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।