नेपाल-तिब्बत में झील फटने के खतरे के बाद करीब 3 घंटे रोका गया राहत-बचाव अभियान फिर शुरू हो गया। बाढ़ में अब तक 552 लोगों की मौत और 1,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है।
काठमांडू। नेपाल और तिब्बत में करीब तीन घंटे तक रोके जाने के बाद राहत और बचाव अभियान फिर शुरू कर दिया गया है। भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील के फटने से अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। इसी वजह से रेस्क्यू टीमों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था।
झील में बढ़ा पानी, नदियों में पहुंचा
शुक्रवार को झील में पानी बढ़कर करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर हो गया था। पानी ओवरफ्लो होकर ल्हेंदे खोला के रास्ते त्रिशूली नदी में पहुंचा। इसके बाद नेपाल में राहत-बचाव अभियान कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
552 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा लापता
बुधवार को ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ में नेपाल में 547 और तिब्बत में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दोनों देशों में 1,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में 977 लोग लापता
नेपाल में 547 लोगों की मौत हुई है, जबकि 977 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं। तिब्बत में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यहां 558 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में बाढ़ के कारण सड़क, पुल, घर और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।
परिजनों की आंखों के सामने बह गया परिवार
तिमुरे गांव के 45 वर्षीय दावा लामा ने बताया कि तेज आवाज के बाद कुछ ही देर में कीचड़ और पानी की विशाल लहर उनके घर से टकराई। बाढ़ में उनका घर, सामान और पत्नी बह गईं। उनकी सात और आठ साल की दोनों बेटियां भी लापता हैं। स्याब्रुबेसी में तैनात पुलिस अधिकारी राजन खत्री ने बताया कि बाढ़ की लहर में बड़े पत्थर, रेत और गाढ़ा कीचड़ शामिल था।
उनके अनुसार, कुछ ही सेकंड में कई मीटर ऊंची इमारतें भी मलबे में समा गईं। पुलिस स्टेशन के सात कर्मचारियों में तीन ही बच पाए हैं। 17 वर्षीय स्मृति ओझा ने बताया कि वह स्कूल जाने की तैयारी कर रही थीं। तभी तेज झटके महसूस हुए। परिवार समय रहते घर से निकल गया, लेकिन उनकी आंखों के सामने सब कुछ बह गया। उनके चार रिश्तेदार अभी भी लापता हैं।
तिब्बत में मलबे तक पहुंची रेस्क्यू टीम
तिब्बत में भूस्खलन के बाद चीनी रेस्क्यू टीम मलबे के मुख्य हिस्से तक पहुंच गई है। यहां जीवित लोगों की तलाश की जा रही है। चीन की फायर एंड रेस्क्यू फोर्स के 681 जवान और 113 वाहन राहत-बचाव अभियान में लगाए गए हैं।