ईरान के नए सुप्रीम कमांडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालते ही अमेरिका को चेतावनी दी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने की बात कही। बयान के बाद वैश्विक तनाव और तेल बाजार में चिंता बढ़ गई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सत्ता में बड़ा बदलाव हुआ है और नए सुप्रीम कमांडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालते ही दुनिया को एक सख्त संदेश दे दिया है। उनका पहला सार्वजनिक बयान किसी कूटनीतिक नरमी की बजाय सीधी चेतावनी जैसा लगा।
मोजतबा ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिलहाल नहीं खुलेगा, और ईरान अपने दुश्मनों से बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की तेल सप्लाई की सबसे अहम लाइफलाइन माना जाता है।
होर्मुज को लेकर सख्त रुख
ईरान के नए सुप्रीम कमांडर मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को खोलने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में हुई घटनाओं में जिन लोगों की मौत हुई, उनके खून का हिसाब लिया जाएगा। मोजतबा ने मीनाब के शहीदों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान अपने नागरिकों के खून को कभी नहीं भूलेगा।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पहले से ही मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और तेल की सप्लाई को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है।
अमेरिकी ठिकानों को लेकर भी दी चेतावनी
अपने संदेश में मोजतबा ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमले उन ठिकानों से हुए हैं, इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो ईरान उन ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मजबूर होगा। यह बयान सीधे तौर पर क्षेत्रीय संघर्ष को और गहरा कर सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर ऐसी कार्रवाई होती है तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति का पलटवार
ईरान के इस कड़े बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है। उन्होंने ईरान को 'ईविल एम्पायर' बताते हुए कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान को रोका नहीं गया तो इससे पूरे मध्य पूर्व और दुनिया की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
दुनिया की नजर अब होर्मुज पर
एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल हो सकती है। दुनिया के लगभग एक तिहाई समुद्री तेल परिवहन का रास्ता इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई का यह बयान केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। फिलहाल दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि यह जुबानी जंग आगे किस दिशा में जाती है, और क्या हालात बातचीत की तरफ लौटते हैं या टकराव की ओर।