अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के बीच ईरान में युद्ध का तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी हमले, जवाबी मिसाइल कार्रवाई और होर्मुज संकट ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।
ईरान इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां शोक और सैन्य तनाव एक साथ दिखाई दे रहे हैं। देशभर में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। अंतिम संस्कार के माहौल के बीच कई इलाकों में धमाकों और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं।
तेहरान से लेकर मशहद तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच अमेरिकी सैन्य अभियान और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में नए सुरक्षा संकट की आशंका बढ़ा दी है।
खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
तेहरान, क़ोम, नजफ़, करबला और मशहद समेत कई शहरों में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली गई। लाखों लोग अपने सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियां पूरे कार्यक्रम के दौरान हाई अलर्ट पर रहीं और खामेनेई को मशहद में दफनाने की तैयारी की गई।
अमेरिका ने 90 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क, मिसाइल साइट्स, कमांड सेंटर और रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों समेत 90 से अधिक स्थानों पर हमले किए। अमेरिकी कार्रवाई को होर्मुज क्षेत्र में कारोबारी जहाजों पर हुए हमले के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। दो दिनों के भीतर अमेरिका की ओर से 170 ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है।
दक्षिणी ईरान में बढ़ा सैन्य दबाव
बंदर अब्बास, केश्म, सीरिक, जास्क और चाबहार जैसे इलाकों में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई। कई स्थानों पर धुएं के गुबार दिखाई दिए, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। इन इलाकों को रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जाता है।
होर्मुज संकट ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कारोबारी जहाजों पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया। एक टैंकर में आग लगने तथा दो अन्य जहाजों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना के बाद अमेरिका ने होर्मुज के आसपास मौजूद ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चिंता भी बढ़ा सकता है।
जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र अलर्ट पर
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया। इसके बाद बहरीन, कुवैत और कतर में हाई अलर्ट घोषित किया गया। कई स्थानों पर सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
श्रद्धांजलि के बीच सख्त संदेश
अंतिम संस्कार से पहले ईरान के शहरों में खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े पोस्टर लगाए गए और सार्वजनिक स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित की गईं। इसी दौरान ईरानी सैन्य नेतृत्व और संसद के नेताओं ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हर हमले का जवाब पहले से अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा। साथ ही होर्मुज क्षेत्र में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करने की बात भी दोहराई।