अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव अब नए चरण में पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने लगाता बढ़ता जा रहा है। इस बीच गुरुवार के दिन टकराव ने नया मोड़ ले लिया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया किया है। उन्होंने कहा कि जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की है। संगठन के अनुसार, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया, जबकि कुवैत में MQ-9 रीपर ड्रोन ऑपरेशन बेस पर भी हमला हुआ।
इन दावों के बीच अमेरिका की ओर से लगातार 12वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की पुष्टि भी सामने आई है। ईरान के खुजेस्तान प्रांत में इराक सीमा के पास स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए अमेरिकी हमले में दो लोगों की मौत की जानकारी स्थानीय प्रशासन ने दी है। दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई अब सीमित जवाबी हमलों से आगे बढ़कर क्षेत्रीय सुरक्षा के बड़े संकट का संकेत दे रही है।
ईरान ने किन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया
IRGC के अनुसार, जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के अलावा पैट्रियट एयर डिफेंस और C-RAM रडार को भी निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि इन हमलों से अमेरिकी सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा और ईंधन भंडारण क्षेत्र में आग लग गई। वहीं कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस में अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम, MQ-9 ड्रोन हैंगर और सैन्य उपकरणों के गोदाम पर हमले का भी दावा किया गया। ईरान का कहना है कि उसका निशाना केवल अमेरिकी सैन्य ढांचा था, कुवैत की संप्रभुता नहीं।
अमेरिका की एयरस्ट्राइक भी लगातार जारी
दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। अमेरिकी सेना के अनुसार मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, समुद्री सैन्य क्षमताओं, तटीय निगरानी केंद्रों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। इसी दौरान इराक सीमा के पास शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए हवाई हमले में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल बताए गए हैं। राहत और बचाव दलों को तुरंत प्रभावित इलाके में भेजा गया।
जॉर्डन ने ईरान के दावे पर अलग तस्वीर पेश की
जहां ईरान ने अमेरिकी रक्षा प्रणाली को तबाह करने का दावा किया, वहीं जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटे में ईरान की चार मिसाइलें और छह ड्रोन हवा में ही मार गिराए। जॉर्डन के मुताबिक इस कार्रवाई में किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक नुकसान को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है।