CDS Anil Chauhan: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही चर्चाओं और पाकिस्तान के दावों के बीच भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में दिए इंटरव्यू में अहम बयान दिया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान के साथ हुई झड़प में भारत के कुछ फाइटर जेट जरूर गिरे थे। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान द्वारा छह भारतीय लड़ाकू विमान गिराने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह पूरी तरह से बेबुनियाद है।
सीडीएस अनिल चौहान का बड़ा बयान
शांग्री-ला डायलॉग के दौरान सिंगापुर में बोलते हुए भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पहली बार स्वीकार किया कि पाकिस्तान के साथ झड़प में भारत के कुछ फाइटर जेट गिरे थे। ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा, "महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह जानना जरूरी है कि वे क्यों गिरे।"
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने अपनी गलती से सीखा, उसमें सुधार किया और महज दो दिनों के भीतर फाइटर जेट्स को दोबारा ऑपरेशन में तैनात कर सटीक हमले किए। जनरल चौहान ने पाकिस्तान के छह लड़ाकू विमानों को गिराने के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह पहली बार है जब किसी टॉप भारतीय सैन्य अधिकारी ने विमानों के नुकसान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है।
परमाणु युद्ध के सवाल पर जनरल चौहान का स्पष्ट जवाब
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को टालने में मदद की थी। हालांकि जनरल चौहान ने इस दावे को "थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया" करार दिया। उन्होंने कहा, "मेरी व्यक्तिगत राय है कि पारंपरिक युद्ध और परमाणु हथियारों के बीच काफी अंतर होता है और उसमें काफी गुंजाइश भी रहती है।"
जनरल चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के चैनल खुले थे ताकि हालात नियंत्रण में बने रहें। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के एक और दावे को भी नकारा, जिसमें कहा गया था कि संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान को एयर डिफेंस और सैटेलाइट मदद दी थी। सीडीएस ने इसे गलत बताते हुए कहा कि ऐसे हथियार ज्यादा प्रभावी नहीं साबित हुए।
7 मई को भारत ने किया बड़ा सैन्य अभियान
7 मई को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर नामक एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान अंजाम दिया। यह कार्रवाई दोनों देशों के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बीच हुई, जिसे पिछले कई दशकों की सबसे गंभीर सैन्य टकराव माना जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेनाओं ने सटीक रणनीति के साथ लक्ष्य पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान को झटका लगा। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 नागरिकों की हत्या हुई थी।