अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के 15वें दिन हमास ने ईरान से पड़ोसी देशों पर हमला न करने की अपील की। बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला हुआ
नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच गाजा के उग्रवादी संगठन हमास ने कहा है कि ईरान को अमेरिका और इजराइल के हमलों का जवाब देने का अधिकार है, लेकिन उसने अपील की कि ईरान पड़ोसी देशों को निशाना न बनाए और क्षेत्र में भाईचारा बनाए रखने की कोशिश करे।
अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला
संघर्ष के बीच इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक एक मिसाइल दूतावास परिसर के अंदर बने हेलिपैड पर गिरी.हालांकि हमले में हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं।
सऊदी अरब में अमेरिकी विमानों को नुकसान
अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के एक एयरबेस पर खड़े अमेरिकी एयर फोर्स के पांच ईंधन टैंकर विमान हमले में तबाह हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नुकसान ईरान से जुड़े हमलों के कारण हुआ।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कूटनीतिक कोशिशें
इस बीच यूरोप के देश भी तनाव कम करने की कोशिश में जुट गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस और इटली ने ईरान से बातचीत शुरू की है ताकि उनके जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर सकें।बताया जा रहा है कि फ्रांस एक अंतरराष्ट्रीय समूह बनाने की भी कोशिश कर रहा है, जो भविष्य में युद्धपोतों की मदद से तेल और गैस के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान कर सके।
अमेरिका का दावा: एशिया-प्रशांत को ऊर्जा आपूर्ति संभव
टोक्यो में आयोजित एक ऊर्जा सम्मेलन में अमेरिका के आंतरिक मंत्री डग बर्गम ने कहा कि अमेरिका एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को भरोसेमंद तरीके से तेल और गैस की आपूर्ति कर सकता है.उन्होंने कहा कि अमेरिकी ऊर्जा नीति का उद्देश्य देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और सहयोगी देशों को भी स्थिर आपूर्ति देना है।
ट्रैवल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुमान के अनुसार इस संघर्ष के कारण वैश्विक टूरिज्म सेक्टर को रोजाना लगभग ₹5,500 करोड़ का नुकसान हो रहा है.भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाले यात्रियों की संख्या घट रही है, जबकि घरेलू पर्यटन स्थलों जैसे अंडमान, पुरी और कोच्चि के लिए पूछताछ में तेजी आई है।