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Iran Claims 160 Girls Killed in Strike

‘गाजा से मिनाब तक…’: ईरान ने साझा की कब्रों की तस्वीर, 160 स्कूली लड़कियों की मौत का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मिनाब में कथित हवाई हमले में 160 स्कूली लड़कियों की मौत का दावा करते हुए कब्रों की तस्वीर साझा की। अमेरिका ने आरोपों से इनकार किया।


‘गाजा से मिनाब तक…’ ईरान ने साझा की कब्रों की तस्वीर 160 स्कूली लड़कियों की मौत का दावा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दक्षिणी ईरान के मिनाब से कथित तौर पर खोदी जा रही कब्रों की तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिकी-इजरायली हमले में 160 से अधिक स्कूली लड़कियों की मौत हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की गई तस्वीर में ताज़ा खोदी गई कब्रें दिखाई दे रही हैं। अराघची ने लिखा ये 160 से अधिक निर्दोष युवा लड़कियों के लिए खोदी जा रही हैं, जो एक प्राथमिक विद्यालय पर अमेरिका-इजरायल बमबारी में मारी गईं। 

मिनाब में क्या हुआ?

ईरान का दावा है कि दक्षिणी शहर मिनाब में एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हवाई हमला हुआ। यह इलाका इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक बेस के पास बताया जा रहा है, जिस पर पहले हमले की खबर थी। ईरान की ओर से कहा गया है कि इस हमले में बच्चों समेत 153 से अधिक लोग मारे गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस घटना को “बर्बर कृत्य” बताया है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

वहीं अमेरिका ने इन आरोपों से इनकार किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग इन खबरों की समीक्षा कर रहा है। रूबियो ने पत्रकारों से कहा यदि यह हमारी कार्रवाई थी तो जांच की जाएगी, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को टार्गेट नहीं करेगा। इस बीच, ईरान ने सीधे तौर पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गाजा से मिनाब तक निर्दोषों की हत्या” हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

घटना की निंदा कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और हस्तियों ने की है। यूनेस्को ने स्कूलों को निशाना बनाए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने भी बच्चों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत किसी स्कूल, अस्पताल या अन्य नागरिक स्थल को जानबूझकर निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

दावों और सच्चाई के बीच

मौजूदा हालात में दोनों पक्षों के दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। स्वतंत्र जांच और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बिना वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना मुश्किल है। लेकिन अगर स्कूल को निशाना बनाए जाने की बात सही साबित होती है, तो यह न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर गंभीर राजनीतिक और कानूनी परिणाम ला सकता है। मिनाब की इन तस्वीरों ने एक बार फिर युद्ध की मानवीय कीमत को सामने ला दिया है , और दुनिया की नजरें अब जांच और जवाबदेही पर टिकी हैं।

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