ईरान-इजराइल जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जारी है। तेल कीमतें 100 डॉलर पार, मिसाइल हमले तेज और अमेरिका-रूस भी सक्रिय हुए।
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद अब तक करीब 90 जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं, जिनमें तेल टैंकर भी शामिल हैं।
चुपचाप गुजर रहे जहाज, नियमों से बचने की कोशिश
न्यूज एजेंसी के अनुसार कई जहाज बिना सार्वजनिक जानकारी दिए इस मार्ग से गुजर रहे हैं, ताकि वे पश्चिमी देशों की निगरानी और प्रतिबंधों से बच सकें। हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान से जुड़े कुछ जहाज भी इस रास्ते से सफलतापूर्वक निकले हैं। जंग का असर वैश्विक बाजार पर भी साफ दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अन्य देशों पर दबाव बनाया है कि वे मिलकर इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और चालू रखें, ताकि तेल की आपूर्ति प्रभावित न हो।
दुनिया के 20% तेल का रास्ता है होर्मुज
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। जंग के बाद यहां जहाजों की संख्या कम हुई है और कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं। इसके बावजूद ईरान ने मार्च से अब तक 1.6 करोड़ बैरल से अधिक तेल निर्यात किया है, जिसमें चीन सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।

तेहरान में इजराइल के बड़े हवाई हमले
इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान में ईरान के कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है। सेना के अनुसार, इन ठिकानों से इजराइल पर हमलों की तैयारी की जा रही थी, इसलिए कार्रवाई की गई।
रूस ने पाकिस्तान को सस्ता तेल देने का संकेत दिया
पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा कि रूस पाकिस्तान को सस्ते दाम पर तेल देने को तैयार है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अभी तक औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। रूस ने मिडिल ईस्ट के हालात पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से बातचीत की अपील की है।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा बढ़ी
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा के लिए C-RAM सिस्टम तैनात किया गया है। यह अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली रॉकेट और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर देती है और मिनटों में हजारों गोलियां दागने में सक्षम है। बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरब देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है। बैठक का उद्देश्य जंग को रोकने के लिए कूटनीतिक समाधान तलाशना है।

लेबनान में हालात बिगड़े, बड़े पैमाने पर पलायन
इजराइल के हमलों के बीच लेबनान में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं। कई शहरों और गांवों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस पूरे संघर्ष के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से तनाव और बढ़ सकता है।
जासूसी के आरोप में फांसी और बढ़ता तनाव
इस बीच ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोपी को फांसी दे दी है। उस पर संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप था। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक प्रभाव डाल सकता है। ऊर्जा संकट, सुरक्षा चुनौतियां और कूटनीतिक तनाव आने वाले समय में और गहराने की आशंका है।