इजरायल की धमकी के बीच ईरान ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की खबरों का खंडन किया। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने मीडिया रिपोर्ट्स को बताया बेबुनियाद।
ईरान में सत्ता परिवर्तन को ले कर चल रही अटकलों के बीच नया मोड़ आ गया है। एक ओर विदेशी मीडिया में खबर चली कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है, तो दूसरी ओर ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया।यह सब उस वक्त हुआ जब इजरायल की तरफ से कड़ी चेतावनी दी गई थी कि जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, उसे “निशाने पर” लिया जाएगा।
इजरायल की खुली धमकी
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि ईरान जिस भी व्यक्ति को अगला सुप्रीम लीडर चुनेगा, वह एलिमिनेशन का लक्ष्य होगा। इस बयान के बाद यह कयास और तेज हो गए कि ईरान जल्द ही नए नेता का नाम घोषित कर सकता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई को चुन लिया गया है।
ईरान का आधिकारिक खंडन
लेकिन भारत स्थित Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai ने इन खबरों को गलत बताया। दूतावास ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा कि ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ द्वारा नेतृत्व के लिए किसी संभावित उम्मीदवार के चयन की जो खबरें मीडिया में चल रही हैं, उनका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है और इन्हें औपचारिक रूप से खारिज किया जाता है।यानी फिलहाल मोजतबा को सुप्रीम लीडर चुने जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या दबाव में आया तेहरान?
राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा जरूर है कि क्या इजरायल की चेतावनी के बाद ईरान ने कदम पीछे खींचा? हालांकि इसकी सीधी पुष्टि कहीं से नहीं है।ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन Assembly of Experts द्वारा किया जाता है। अब तक इस संस्था की ओर से कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
विदेश मंत्री का ट्रंप पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा निशाना साधा।उन्होंने X पर लिखा कि जटिल परमाणु वार्ताओं को रियल एस्टेट डील की तरह लेने और “बड़े झूठ” फैलाने से हालात बिगड़े हैं। अराघची ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने कूटनीति के साथ-साथ अमेरिकी मतदाताओं के भरोसे से भी विश्वासघात किया। उनकी यह टिप्पणी मौजूदा तनाव और बढ़ते युद्ध जैसे हालात की ओर इशारा करती है।