इजराइल में भारतीय UPI लागू होगा। पीएम मोदी और नेतन्याहू की बैठक में FTA पर सहमति, रक्षा-टेक्नोलॉजी सहयोग भी बढ़ेगा।
भारत और इजराइल के रिश्तों में गुरुवार को एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने कई अहम समझौते किए। सबसे खास घोषणा रही अब इजराइल में भी भारत का UPI पेमेंट सिस्टम इस्तेमाल किया जा सकेगा। दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी ने कहा
इजराइल आना मेरे लिए गर्व की बात है। भारत और इजराइल के रिश्ते अब नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं।

याद वाशेम में श्रद्धांजलि
अपने कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी ने यरुशलम स्थित होलोकॉस्ट मेमोरियल Yad Vashem में श्रद्धांजलि देकर की। यहां उन्होंने नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को नमन किया। इस दौरान उनके साथ प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने इतिहास की उस त्रासदी को याद किया जिसने दुनिया को झकझोर दिया था।
राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात
पीएम मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति हर्जोग ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। पीएम मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता भी दिया।
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़े ऐलान
द्विपक्षीय वार्ता के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं। अब भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI को इजराइल में भी स्वीकार किया जाएगा। इससे दोनों देशों के व्यापार, पर्यटन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नेसेट में सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली संसद Knesset को संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” प्रदान किया गया। वे नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा
दोनों देशों के संबंध भरोसे, लोकतंत्र और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। अब इन्हें स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का नया आयाम दिया जाएगा।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग
AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में संयुक्त पहल होगी।
रक्षा और अंतरिक्ष साझेदारी
रक्षा उत्पादन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त विकास पर जोर। स्पेस और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में भी सहयोग बढ़ेगा।
कृषि में ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’
भारत में इजराइल की मदद से चल रहे सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की संख्या 100 तक पहुंचाई जाएगी। नई खेती तकनीक गांवों तक ले जाने की योजना है।
युवाओं और रिसर्चर्स के लिए मंच
इंडिया-इजराइल अकादमिक फोरम बनाया जाएगा, ताकि शोध और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़े।
IMEC और I2U2 पर चर्चा
दोनों देशों ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट और आर्थिक समूहों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
आतंकवाद पर सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा दुनिया में आतंकवाद की कोई जगह नहीं। पश्चिम एशिया में शांति भारत के लिए भी जरूरी है।
एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत
पीएम मोदी के इजराइल पहुंचने पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। यह दृश्य दोनों देशों की नजदीकी का प्रतीक माना गया। भारत और इजराइल के रिश्ते पहले ही रक्षा, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में मजबूत रहे हैं। अब डिजिटल पेमेंट, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और स्ट्रैटजिक सहयोग के नए आयाम जुड़ने से यह साझेदारी और गहरी हो सकती है। कूटनीतिक गलियारों में इसे “21वीं सदी की साझेदारी” कहा जा रहा है, और संकेत साफ हैं दोनों देश अब सिर्फ दोस्त नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार बनना चाहते हैं।