ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत ने यूएई, सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में रह रहे नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। जानें किन सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। हालात तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में भारतीय दूतावासों ने साफ कहा है—बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। ईरान और इजराइल के बीच जारी टकराव में अमेरिका की संभावित भूमिका को लेकर भी अटकलें हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है।
किन देशों में जारी हुई एडवाइजरी?
विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशनों ने कई खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने को कहा है।
- संयुक्त अरब अमीरात
- सऊदी अरब
- जॉर्डन
- बहरीन
- फिलिस्तीन
इन देशों में भारतीय दूतावासों ने सोशल मीडिया और आधिकारिक वेबसाइट के जरिए नागरिकों से कहा है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें। तनाव कीवजह इजराइल और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई है। हाल ही में हुए हमलों के बाद क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े या संयुक्त राज्य अमेरिका सीधे तौर पर शामिल होता है, तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
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भारतीय दूतावासों की क्या सलाह?
विदेश मंत्रालय यानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
- आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें
- पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें
- दूतावास की हेल्पलाइन नंबर सेव करके रखें
दूतावासों ने यह भी कहा है कि वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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कितने भारतीय रहते हैं खाड़ी देशों में?
खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए बेहद अहम है। लाखों भारतीय यहां काम करते हैं खासकर यूएई और सऊदी अरब में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय रहते हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव भारत के लिए संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। फिलहाल उड़ानों और वीजा सेवाओं को लेकर कोई व्यापक रोक की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हालात के मद्देनज़र फ्लाइट रूट और एयरस्पेस को लेकर बदलाव संभव हैं। एयरलाइंस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सरकार ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।