Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 24 और IAS के ट्रांसफर, 10 DM बदले, 18 घंटे में 64 अफसरों के तबादले
  • JEE मेन सेशन 2 रिजल्ट घोषित: 26 कैंडिडेट्स को 100 पर्सेंटाइल
  • जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसा, 21 की मौत
  • तमिलनाडु में ₹1,200 करोड़ से ज्यादा के कैश-गोल्ड और फ्रीबीज जब्त
  • जज को केस से हटाने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज
  • तेज गर्मी के चलते योगी सरकार ने 8वीं तक के परिषद स्कूलों की टाइमिंग बदली

होम > विदेश

Canada Court Gives Life Sentence in Kartik Murder

भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव हत्याकांड: कनाडा की अदालत ने दोषी को सुनाई उम्रकैद

कनाडा की अदालत ने भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद दी। मानसिक बीमारी की दलील खारिज, परिवार को चार साल बाद न्याय मिला।


भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव हत्याकांड कनाडा की अदालत ने दोषी को सुनाई उम्रकैद

नई दिल्ली: कनाडा में भारतीय छात्र की हत्या के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी है। Toronto की अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मानसिक बीमारी का आधार अपराध की गंभीरता को कम नहीं कर सकता।

चार साल बाद मिला न्याय

गाजियाबाद के रहने वाले Kartik Vasudev की हत्या वर्ष 2022 में हुई थी। अब लगभग चार साल बाद परिवार को न्याय मिला है। अदालत ने आरोपी को बिना पैरोल की संभावना के उम्रकैद की सजा सुनाई।

मानसिक बीमारी की दलील खारिज

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के Schizophrenia से पीड़ित होने का हवाला देते हुए उसे आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की थी। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, लेकिन वह अपने कृत्य की प्रकृति और परिणाम समझने में सक्षम था। इसी आधार पर ‘आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं’ (NCR) की दलील को खारिज कर दिया गया।

कैसे हुई थी वारदात

अदालत के अनुसार, 7 और 9 अप्रैल 2022 को हुई घटनाओं में आरोपी ने गोलीबारी कर दो लोगों की हत्या की थी, जिनमें कार्तिक वासुदेव भी शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक कार्तिक पर हमला उस समय हुआ जब वह शेरबोर्न स्टेशन के पास ब्लूर स्ट्रीट ईस्ट क्षेत्र में जा रहे थे। आरोपी ने पीछे से कई गोलियां दाग दीं।

उच्च शिक्षा के लिए गए थे कनाडा

कार्तिक वासुदेव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के निवासी थे और Seneca College में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे थे। वे जनवरी 2022 में उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनकी हत्या हो गई।

परिवार की लंबी कानूनी लड़ाई

कार्तिक के पिता ने बताया कि परिवार ने चार साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। अंतिम सुनवाई के दौरान वे कनाडा में मौजूद थे। फैसले के बाद परिवार ने राहत जताई और कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है। यह मामला विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा में रहा।  

Related to this topic: