अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर हमले का दावा किया। तालिबान मंत्री ने डूरंड लाइन पार करने की बात कही, पाकिस्तान का दावा- 400 से ज्यादा अफगान लड़ाके मारे गए।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खुली जंग जैसे हालात में बदलता दिख रहा है। चार दिनों से सीमा पर जारी हवाई हमलों और गोलीबारी के बीच तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया है। यह एयरबेस रावलपिंडी में स्थित है और पाकिस्तानी आर्मी मुख्यालय व प्रधानमंत्री कार्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर बताया जाता है। ऐसे में इस हमले को बेहद प्रतीकात्मक और रणनीतिक माना जा रहा है।
तालिबान मंत्री का दावा- डूरंड लाइन पार की
तालिबान सरकार के एक मंत्री ने बयान दिया कि उनके लड़ाके डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की जमीन में दाखिल हो चुके हैं। डूरंड लाइन, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवादित सीमा मानी जाती है, लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का कारण रही है। इस बयान ने हालात को और गंभीर बना दिया है। तालिबान के मुताबिक, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं
- Nur Khan Airbase
- क्वेटा में 12वीं कोर का मुख्यालय
- खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद क्षेत्र का सैन्य कैंप
- पाकिस्तान का पलटवार और ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन
पाकिस्तान ने 27 फरवरी को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इस अभियान को ‘Operation Ghazab Lil Haq’ नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है अपने हक के लिए खड़े होना। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारर के मुताबिक 415 तालिबान लड़ाके मारे गए, 580 से ज्यादा घायल हुए, 182 पोस्ट तबाह की गईं, 31 पोस्ट पर कब्जा किया गया, 185 टैंक और सैन्य वाहन नष्ट किए गए पाकिस्तानी वायुसेना ने नंगरहार और कंधार में तालिबान के सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाने का भी दावा किया है।
तालिबान का पलट दावा
वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए हैं। उसने यह भी दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमले जारी रखे, तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
TTP और सीमा विवाद की पृष्ठभूमि
इस संघर्ष की जड़ में एक बार फिर Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) का मुद्दा सामने है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन से ऑपरेट कर रहा है। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। 22 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक के बाद हालात तेजी से बिगड़े।
जंग जैसे हालात?
सीमा पर लगातार गोलाबारी, एयरस्ट्राइक और दोनों तरफ से बढ़ते दावे इन सबने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने फिलहाल संयम बरतने की अपील की है, लेकिन जमीन पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण है , और किसी भी समय हालात और बिगड़ सकते हैं। आने वाले दिन दोनों देशों के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। फिलहाल, डूरंड लाइन के दोनों ओर धुआं ही धुआं है।