देशभर में होली 2026 की धूम। पीएम मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं। वृंदावन, हरिद्वार, पुरी और पैंगोंग झील तक रंगोत्सव की झलकियां।
नई दिल्ली। सुबह की हल्की धूप, हवा में उड़ता गुलाल और गलियों से आती ढोल की थाप होली का दिन इस बार भी देश को एक रंग में रंगता दिखा। लेकिन यह सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं रहा, इसमें समाज की तस्वीर भी थी और राजनीति का संदेश भी। गली-मोहल्लों में बच्चे पानी की पिचकारी लेकर दौड़ रहे थे, तो दूसरी तरफ नेता अपने-अपने अंदाज़ में संदेश दे रहे थे। मंदिरों में फूलों की होली थी, तो सीमाओं पर तैनात जवानों के बीच भी रंगों का उत्साह। होली 2026 ने एक बार फिर दिखाया कि यह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं, एक सामाजिक बयान भी है।

प्रधानमंत्री से विपक्ष तक, संदेशों की बौछार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि होली पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर देती है। उनके संदेश में उत्सव के साथ सकारात्मकता का आग्रह था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे प्रेम, आशा और एकता का पर्व बताया।
गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और विश्व शांति की कामना की।
उधर विपक्ष की ओर से भी स्वर कुछ अलग नहीं थे। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने होली को मोहब्बत और नई उम्मीदों का त्योहार बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि यह सबको गले लगाने का दिन है।
दिल्ली में भाजपा सांसद मनोज तिवारी अपने आवास पर गीत गाते नजर आए। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों को शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
वृंदावन से उज्जैन तक, भक्ति और रंग का संगम
उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर के बाहर हजारों श्रद्धालु जुटे। गुलाल की हल्की धुंध में मंदिर की सफेद इमारत और भी चमकती दिखी।
गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में फूलों की होली खेली।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर संतों ने पारंपरिक अंदाज़ में रंगोत्सव मनाया। धार्मिक नगरी की होली में भक्ति की गूंज अलग ही सुनाई देती है।
ओडिशा के पुरी में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने जगन्नाथ धाम में दर्शन कर रंग लगाया।
होली का यह आध्यात्मिक रूप बताता है कि रंगों के पीछे आस्था की भी एक गहरी परंपरा है।

सीमाओं पर भी रंग, पैंगोंग की बर्फ पर मुस्कान
लद्दाख की कड़ाके की ठंड में जमी पैंगोंग झील के किनारे आईटीबीपी के जवानों ने होली मनाई। 14,300 फीट की ऊंचाई पर जब रंग उड़ते हैं, तो वह सिर्फ उत्सव नहीं, जज़्बे की तस्वीर बन जाते हैं। स्थानीय बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। जवानों के चेहरों पर रंग के साथ घर की याद भी झलकती है, लेकिन कर्तव्य के बीच यह छोटा सा जश्न मन को हल्का कर देता है।
शहरों की तस्वीर: डीजे, ढोल और सुरक्षा इंतज़ाम
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, जयपुर भोपाल हर बड़े शहर में सुबह से रौनक रही। अपार्टमेंट सोसायटी में रंगों की पार्टियां, पार्कों में सामूहिक आयोजन, और मिठाई की दुकानों पर भीड़। कुछ राज्यों में प्रशासन ने डीजे पर रोक लगाई, तो कहीं पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया। त्योहार की मस्ती बनी रहे, इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर गश्त तक के इंतज़ाम किए गए।