पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। भवानीपुर में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच हाईप्रोफाइल मुकाबला, कई जगह विवाद और सुरक्षा कड़ी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में बुधवार को 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन कई इलाकों में लोग सुबह 5:30 बजे से ही बूथों पर पहुंच गए। इस चरण में सबसे ज्यादा नजर भवानीपुर सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं।

वोटिंग के बीच कई जगहों से विवाद और तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। नादिया जिले के छपरा में BJP एजेंट ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। वहीं पानीहाटी सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने EVM में खराबी की शिकायत की। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के लिए CAPF की करीब 2400 कंपनियां तैनात की हैं।
भवानीपुर सीट क्यों बनी सबसे बड़ी लड़ाई?
भवानीपुर को इस चुनाव की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट माना जा रहा है। यह ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट रही है। 2021 के उपचुनाव में उन्होंने यहां करीब 58 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी।इस बार भाजपा ने यहां नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। सुवेंदु वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। ऐसे में भवानीपुर की लड़ाई सिर्फ एक सीट नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
नादिया और भांगर में तनाव
नादिया के छपरा में BJP एजेंट ने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं ने हमला किया। वहीं AISF अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने दावा किया कि भांगर इलाके में लोगों को वोट न डालने की धमकी दी जा रही है।दूसरी तरफ भाजपा लगातार कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मुद्दा बना रही है, जबकि TMC “बंगाल की अस्मिता” और “दिल्ली बनाम दीदी” नैरेटिव पर चुनाव लड़ रही है।
दूसरे चरण में कितने वोटर्स और उम्मीदवार?
दूसरे चरण में कुल 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 220 महिलाएं शामिल हैं। करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
राज्य में कुल 41,001 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 14,218 शहरी और 25,083 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। चुनाव आयोग ने हर बूथ पर सुरक्षा बल और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है।
पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की संख्या 5 लाख से ज्यादा बताई गई है। वहीं 85 साल से अधिक उम्र के 3.79 लाख वोटर भी इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।
पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग
23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड 93% मतदान हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी ज्यादा वोटिंग बंगाल में बड़े ध्रुवीकरण और संभावित उलटफेर का संकेत हो सकती है।भाजपा जहां घुसपैठ, भ्रष्टाचार और गवर्नेंस के मुद्दे उठा रही है, वहीं TMC महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं और ममता बनर्जी की मजबूत छवि पर भरोसा जता रही है।
बंगाल चुनाव 2026 क्यों है इतना अहम?
यह चुनाव सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इसका असर राष्ट्रीय राजनीति, विपक्षी एकजुटता और आने वाले यूपी-पंजाब चुनावों पर भी पड़ सकता है।अगर TMC लगातार चौथी बार सत्ता में लौटती है तो ममता बनर्जी विपक्ष की राष्ट्रीय धुरी के तौर पर और मजबूत हो सकती हैं। वहीं भाजपा के लिए यह चुनाव पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।