पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन से पहले बड़े नाम तय हो गए हैं। सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री होंगे, जबकि रूपा गांगुली समेत दो डिप्टी CM के जरिए BJP नए समीकरण साध रही है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सरकार गठन की तस्वीर साफ होने लगी है। पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। रूपा गांगुली का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि दूसरा चेहरा उत्तर बंगाल और दार्जिलिंग क्षेत्र से हो सकता है।
नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई के दिन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा। शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी, शाह समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे। शुरुआती चरण में सिर्फ तीन नेता शपथ लेंगे। विधायक दल की बैठक के बाद शाम 5 बजे इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। सुवेंदु अधिकारी को गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग भी सौंपे जाने की तैयारी है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को सरकार की प्राथमिकता बनाने जा रही है।
ममता को हराने वाले नेता पर भाजपा का बड़ा भरोसा
सुवेंदु अधिकारी इस चुनाव में भाजपा के सबसे आक्रामक और प्रभावशाली चेहरे बनकर उभरे। उन्होंने भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। इससे पहले 2021 में नंदीग्राम में भी उन्होंने ममता को चुनावी मात दी थी।
लगातार दूसरी बार नंदीग्राम से जीत दर्ज करने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें बंगाल में भाजपा का सबसे मजबूत राजनीतिक चेहरा माना। अब मुख्यमंत्री पद देकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह बंगाल की राजनीति में लंबी पारी खेलने की तैयारी कर रही है। गृह और पुलिस विभाग सीधे सुवेंदु के पास रहने का फैसला भी राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। भाजपा चुनाव के दौरान हिंसा और प्रशासनिक पक्षपात के मुद्दे लगातार उठाती रही थी।
डिप्टी CM फॉर्मूले से साधे जा रहे बड़े सामाजिक समीकरण
भाजपा ने सरकार गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। रूपा गांगुली को डिप्टी CM बनाकर पार्टी महिला नेतृत्व और बंगाली सांस्कृतिक पहचान दोनों को साथ जोड़ना चाहती है। दूसरे उपमुख्यमंत्री का चेहरा दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल से होने की चर्चा है। यह इलाका चुनाव में भाजपा का मजबूत गढ़ बनकर उभरा था। ऐसे में पार्टी यहां के राजनीतिक संदेश को सत्ता में भी जगह देना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा बंगाल में सिर्फ सरकार नहीं बना रही, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाकर स्थायी राजनीतिक आधार तैयार करने में जुटी है।
चुनाव नतीजों के बाद बंगाल में बढ़ा राजनीतिक तनाव
4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल किया। वहीं TMC सिर्फ 80 सीटों तक सीमित रह गई। हालांकि फालता सीट पर दोबारा मतदान बाकी है। यहां 21 मई को वोटिंग होगी और 24 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
हार के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि साजिश के जरिए हारी है। साथ ही चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर सीटें प्रभावित करने का आरोप भी लगाया।
PA की हत्या के बाद सुरक्षा और हिंसा बड़ा मुद्दा
सरकार गठन से ठीक पहले सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया। मध्यमग्राम में हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोककर कई राउंड फायरिंग की थी। घटना के बाद भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर TMC पर तीखे आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक हिंसा से जोड़कर देखा। इसके अगले दिन राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही ममता कैबिनेट के मंत्रियों की संवैधानिक शक्तियां खत्म हो गईं।
शपथ ग्रहण को राष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन बनाने की तैयारी
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा बड़े राजनीतिक आयोजन में बदलने की तैयारी कर रही है। देशभर से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद कार्यक्रम में शामिल होंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में समारोह को लेकर उत्साह बना हुआ है।
भाजपा के लिए यह सिर्फ सरकार गठन नहीं है। यह उस राज्य में सत्ता का प्रदर्शन भी है जहां लंबे समय तक उसका राजनीतिक संघर्ष चलता रहा। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई को मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे।