पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया गया है। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निषिथ प्रमाणिक समेत कई नेताओं को अहम विभाग सौंपे गए हैं।
पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार बनने के बाद अब मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कैबिनेट की पहली बैठक के बाद अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारियां तय कीं। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फैसला लेते हुए आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है।
नई कैबिनेट में संगठन और क्षेत्रीय संतुलन दोनों को साधने की कोशिश दिखाई दी। खासतौर पर उत्तर बंगाल, ग्रामीण विकास और महिला कल्याण जैसे विभागों पर फोकस साफ नजर आया।
दिलीप घोष को मिला ग्रामीण विकास का जिम्मा
भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ग्रामीण बंगाल में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिहाज से यह मंत्रालय काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण वोट बैंक को साधने में दिलीप घोष की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। वहीं, अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग सौंपा गया है। यह विभाग राज्य में राशन व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से सीधे जुड़ा हुआ है।
अग्निमित्रा पॉल और निषिथ प्रमाणिक को अहम मंत्रालय
अग्निमित्रा पॉल को नगर विकास और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। शहरी विकास के साथ महिला सुरक्षा और कल्याण योजनाओं पर उनकी भूमिका पर खास नजर रहेगी। निषिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास विभाग के साथ खेल और युवा कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है। उत्तर बंगाल लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यह विभाग रणनीतिक रूप से भी अहम समझा जा रहा है।
खुधीराम टुडू को आदिवासी विकास विभाग दिया गया है। सरकार आदिवासी इलाकों में अपनी पहुंच मजबूत करने के संकेत देती दिख रही है।
पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले
मंत्रालयों के बंटवारे से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला भारत-बांग्लादेश सीमा पर बिना बाड़ वाले इलाकों में फेंसिंग के लिए BSF को जमीन आवंटित करने को लेकर हुआ। सरकार ने कहा है कि 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह फैसला चुनावी वादों के तहत लिया गया है और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
नई सरकार के फैसलों पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
नई सरकार के शुरुआती फैसलों ने बंगाल की राजनीति में बहस तेज कर दी है। एक तरफ BJP इसे प्रशासनिक बदलाव और सुरक्षा सुधार का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देख रहा है। सीमा सुरक्षा, पंचायत व्यवस्था और महिला कल्याण जैसे विभागों पर फोकस से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार शुरुआती दौर में ही अपनी प्राथमिकताएं तय करना चाहती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई कैबिनेट अपने फैसलों को जमीन पर कितनी तेजी से लागू कर पाती है।