पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने खाड़ी में फंसे नागरिकों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया। 24x7 मदद और सुरक्षा पर फोकस।
पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के चलते लाखों लोग चिंतित हैं, खासकर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक। इस बीच, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कंट्रोल रूम बनाया है।
खाड़ी में फंसे भारतीयों के लिए भारत का बड़ा कदम
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि कंट्रोल रूम का काम केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद पहुंचाना भी है। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिक सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं 1800118797 (टोल फ्री), +91 11 2301 2113, +91 11 2301 4104 और +91 11 2301 7905।
तेहरान में छात्रों की सुरक्षित निकासी
ईरान की राजधानी तेहरान में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बताई जा रही है। अमेरिकी हमले और उसके जवाब में ईरान की सैन्य कार्रवाई के बाद, भारतीय दूतावास ने सैकड़ों छात्रों को राजधानी से सुरक्षित स्थानों पर भेजा। कई छात्रों ने बताया कि अचानक ही दूतावास की टीम उन्हें बसों में बैठाकर सुरक्षित क्षेत्रों में ले गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की प्राथमिकता यहां फंसे नागरिकों की सुरक्षा और भलाई है। मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अमेरिका-ईरान टकराव और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा
28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, खासकर इस्राइल और खाड़ी देशों में। प्रभावित देशों में UAE, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब शामिल हैं। MEA ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाया जाए।
विदेश मंत्रालय लगातार खाड़ी देशों की सरकारों और सहयोगी देशों के साथ संपर्क में है। मंत्रालय का कहना है कि हर घटना की निगरानी की जा रही है और भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद तुरंत मुहैया कराई जाएगी।