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12 घंटे की चर्चा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक, जानिए अब कानून बनने में कितन

12 घंटे की चर्चा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक, जानिए अब कानून बनने में कितनी है देरी?

12 घंटे की चर्चा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक जानिए अब कानून बनने में कितनी है देरी

वक्फ संशोधन बिल 2025 लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हो गया है। दोनों ही सदनों में विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। राज्यसभा में भी क़रीब 12 घंटे वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा हुई फिर वोटिंग कराई गई जिसमें वक्फ बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े जबकि 95 सदस्यों ने इसका विरोध किया। बिल को अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा, वहां से मंजूरी मिलते ही यह क़ानून बन जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा बिल से मुस्लिम का नुक़सान नहीं

बिल के पास होने के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है, इसे बाकी सरकारी निकायों की तरह ही धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम को नुक़सान नहीं होगा बल्कि फायदा होगा।

नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?

राज्यसभा नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन ने सभापति के सामने अपनी बाते रखते हुए कहा कि देश भर में ये माहौल बना है कि इस बिल से अल्पसंख्यकों को तंग करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने विरोध किया इसका मतलब इसमें कुछ खामियां आपको इसे देखना चाहिए। नहीं तो जिसकी लाठी उसकी भैंस ये अच्छा नहीं है। खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि इन्होंने लगातार अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट कम किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कही ये बात?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों और मणिपुर मामले को लेकर भी अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद मणिपुर में दो समुदायों के बीच आरक्षण को लेकर जातीय हिंसा हुई। यह न तो दंगे हैं और न ही आतंकवाद। 9 फरवरी को वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद वहां राष्ट्रपति शासन लगाया गया क्योंकि किसी भी पार्टी ने सरकार बनाने का दावा नहीं किया।