विनेश फोगाट ने फिर लगाए बृजभूषण पर गंभीर आरोप, खुद को बताया पीड़ित। गोंडा टूर्नामेंट में खेलने पर जताई असहजता, सरकार पर भी उठाए सवाल।
ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट ने एक बार फिर कुश्ती जगत को झकझोर दिया है। उन्होंने खुद को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत करने वाली पीड़ितों में शामिल बताया है। गोंडा में होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट से पहले आया यह बयान खेल जगत में नई बहस छेड़ रहा है। विनेश ने साफ कहा कि उस जगह पर जाकर मुकाबला करना उनके लिए आसान नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने मानसिक दबाव और असहज माहौल का जिक्र किया, जो अब इस पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ले आया है।
गोंडा टूर्नामेंट पर सवाल
विनेश फोगाट ने कहा कि 10 से 12 मई के बीच गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। जिस व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने शिकायत की है, उसी के गृह क्षेत्र में जाकर खेलना उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि इस माहौल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना मुश्किल होगा। यह सिर्फ खेल का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा का भी मुद्दा है।
खुद को बताया शिकायतकर्ता
विनेश ने खुलकर कहा कि वह उन 6 महिला पहलवानों में शामिल हैं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी गवाही अभी कोर्ट में चल रही है। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले वह इस मुद्दे पर आंदोलन का चेहरा रही हैं, लेकिन खुद को पीड़ित बताने का यह स्पष्ट स्वीकार अब नए सिरे से चर्चा का कारण बन गया है।
सुरक्षा पर सवाल
विनेश ने साफ कहा कि अगर टूर्नामेंट के दौरान किसी खिलाड़ी के साथ कुछ गलत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यह बयान सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन स्थल की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। इससे खिलाड़ियों के बीच भी चिंता बढ़ सकती है।
पुराना विवाद फिर चर्चा में
करीब तीन साल पहले महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बृजभूषण के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय यौन उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे खेल तंत्र को हिला दिया था। अब एक बार फिर वही मामला सामने आने से कुश्ती संघ और खेल प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।
राजनीति और खेल का टकराव
विनेश फोगाट जहां हरियाणा से विधायक हैं, वहीं बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य भी सक्रिय राजनीति में हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीतिक परतें भी जुड़ गई हैं। इससे आने वाले समय में इस विवाद के और गहराने की संभावना है।