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उन्नाव केस: कुलदीप सेंगर को जेल में ही रहना होगा, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाई

उन्नाव केस: कुलदीप सेंगर को जेल में ही रहना होगा, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाई

उन्नाव केस कुलदीप सेंगर को जेल में ही रहना होगा सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाई

उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रोक लगा दी. कोर्ट ने दोषी को नोटिस जारी करते हुए 2 हफ्ते में जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा. कि यह एक गंभीर और भयावह मामला है.उन्होंने बताया कि धारा 376 और पॉक्सो कानून के तहत आरोपी दोषी ठहराया गया है. ऐसे मामलों में न्यूनतम सजा 20 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है. कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में है।

हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को सेंगर की सजा को सस्पेंड करते हुए जमानत दी थी. आदेश में शर्त रखी गई थी कि सेंगर पीड़िता से 5 किलोमीटर दूर रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कानून से जुड़े कई गंभीर सवाल हैं, जिन पर विस्तार से विचार जरूरी है. CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पॉक्सो कानून में ‘लोक सेवक की परिभाषा में असमानता दिखाई देती है. कैसे एक पुलिसकर्मी को लोक सेवक माना जा सकता है, लेकिन निर्वाचित विधायक को नहीं?

आरोपी पहले से दोषी

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया. कि सेंगर पहले भी एक अन्य मामले में दोषी हैं और जेल में हैं. इस विशेष परिस्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी.अदालत ने दोषी को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया है।

कोर्ट के फैसले का असर

इस आदेश के बाद कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे, और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई तक जमानत पर कोई प्रभाव नहीं होगा।