Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > देश

‘ऑपरेशन सिंदूर में थी पूरी आजादी, चीन सबसे बड़ी चुनौती’ - CDS अनिल चौहान

‘ऑपरेशन सिंदूर में थी पूरी आजादी, चीन सबसे बड़ी चुनौती’ - CDS अनिल चौहान

‘ऑपरेशन सिंदूर में थी पूरी आजादी चीन सबसे बड़ी चुनौती’ - cds अनिल चौहान

नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ CDS जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मिली रणनीतिक स्वतंत्रता का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान में लक्ष्य चयन और योजना बनाने की पूरी छूट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन का मकसद बदला लेना नहीं, बल्कि भारत की संयम की सीमा दर्शाना था।

जनरल चौहान ने बताया कि यह बहु-क्षेत्रीय अभियान था, जिसमें साइबर युद्ध सहित सैन्य शाखाओं के बीच समन्वय और संयुक्त लामबंदी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “चीन के साथ सीमा विवाद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और भविष्य में भी रहेगी।”

CDS ने पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ छेड़ी गई प्रॉक्सी वॉर को दूसरी बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की रणनीति भारत को हजार जख्मों से कमजोर करने की है।” इसके अलावा, क्षेत्रीय अस्थिरता भी चिंता का विषय है, क्योंकि भारत के अधिकांश पड़ोसी देश सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से जूझ रहे हैं।

जनरल चौहान ने युद्ध के बदलते स्वरूप पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए आयाम भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी परमाणु शक्ति संपन्न हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ ऑपरेशन की रणनीति तय करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। CDS के बयान ने भारत की रणनीतिक तैयारियों और दृढ़ता को रेखांकित किया है।

Related to this topic: