पंजाब के तरनतारन में BJP जिला मुख्यालय पर 20 नकाबपोशों ने हमला कर तोड़फोड़ की। नेताओं के साथ मारपीट के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है।
पंजाब के तरनतारन में भारतीय जनता पार्टी के जिला मुख्यालय पर हुए हमले ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सोमवार को तरनतारन बाईपास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में अचानक 15 से 20 नकाबपोश घुस आए और जमकर हंगामा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
दफ्तर के शीशे तोड़े गए और वहां मौजूद भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की गई। पूरी घटना कुछ ही मिनटों में हुई, लेकिन इससे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। हमले के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया। स्थानीय स्तर पर इसे सिर्फ तोड़फोड़ नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तनाव को देखते हुए BJP जिला मुख्यालय के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान के बाद जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
पंजाब में लगातार बढ़ रही सुरक्षा चिंता
तरनतारन की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पंजाब पहले से ही सुरक्षा मुद्दों को लेकर चर्चा में है। हाल के महीनों में अमृतसर और जालंधर में हुए ग्रेनेड हमलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। अब राजनीतिक दलों के दफ्तरों पर हमले जैसी घटनाएं माहौल को और संवेदनशील बना रही हैं। विपक्ष इसे सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दावे कर रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं राज्य की छवि और निवेश माहौल दोनों पर असर डाल सकती हैं।
आम लोगों के बीच बढ़ी बेचैनी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। लोगों का कहना है कि अगर राजनीतिक दफ्तर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेंगे, यह बड़ा सवाल है। सोशल मीडिया पर हमले से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई यूजर्स ने पंजाब में बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इस हमले ने पंजाब की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है।