तमिलनाडु चुनाव में TVK की ऐतिहासिक जीत, तिरुपत्तूर सीट पर सिर्फ 1 वोट से फैसला। जानिए कैसे एक वोट ने बदली राजनीति और क्यों यह नतीजा बना चर्चा का केंद्र।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। सबसे बड़ा उलटफेर एक्टर विजय की पार्टी TVK की जीत रही। इसने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सत्ता की दावेदारी मजबूत कर दी। लेकिन इन बड़े नतीजों के बीच तिरुपत्तूर सीट का रिजल्ट सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। जहां जीत-हार का अंतर सिर्फ एक वोट रहा। इस नतीजे ने चुनाव में हर वोट की अहमियत को फिर साबित कर दिया।
तिरुपत्तूर सीट पर सिर्फ 1 वोट से पलटी बाजी
तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर टीवीके उम्मीदवार श्रीनिवास सेतुपति ने DMK के सीनियर नेता और मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को मात्र एक वोट से हराया। यह मुकाबला इतना करीबी था कि अंतिम राउंड तक परिणाम तय नहीं हो पा रहा था। अंत में सिर्फ एक वोट ने पूरा खेल बदल दिया।
30 राउंड की काउंटिंग के बाद आया फैसला
इस सीट पर कुल 30 राउंड की मतगणना हुई। जिसमें श्रीनिवास सेतुपति को 83,375 वोट मिले। वहीं, केआर पेरियाकरुप्पन को 83,374 वोट मिले। अंतिम राउंड में मिले एक अतिरिक्त वोट ने TVK को ऐतिहासिक जीत दिला दी। यह परिणाम चुनावी इतिहास में सबसे करीबी मुकाबलों में गिना जा रहा है।

TVK की धमाकेदार एंट्री ने बदला समीकरण
एक्टर विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। पार्टी की स्थापना, फरवरी 2024 में हुई थी। दो साल बाद कुल 234 सीटों पर कैंडिडेट उतारे गए। इनमें से 108 सीट पर जीत मिली। वहीं, कुल वोट शेयर का लगभग 35% मिला। यह प्रदर्शन बताता है कि राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है।
स्टालिन सरकार को झटका
इस चुनाव में DMK को बड़ा नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी अपने गढ़ कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। इससे साफ है कि मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है।
क्यों खास है यह चुनाव?
तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई पार्टी अपनी स्थापना के सिर्फ दो साल के भीतर सत्ता के करीब पहुंच गई हो। TVK ने समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लेकर सरकार बनाने के संकेत दिए हैं। जिससे राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
आम लोगों के लिए क्या मायने?
तिरुपत्तूर का यह नतीजा सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है। एक वोट भी सरकार बदल सकता है। यह संदेश अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।