सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पीएम मोदी, अमित शाह समेत NDA के बड़े नेता समारोह में मौजूद रहे।

सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले बीेजपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है । कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री मौजूद रहे।
सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने मंच पर जाकर प्रधानमंत्री मोदी को झुककर प्रणाम किया। समारोह के दौरान भाजपा समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला और पूरा परेड ग्राउंड ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा।
पांच मंत्रियों ने भी ली शपथ

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल R. N. Ravi ने सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्नीमित्रा पाल , निशित, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल रहे।
दिलीप घोष खड़गपुर सदर सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं, जबकि अग्निमित्रा पॉल ने असनसोल दक्षिण सीट से लगातार दूसरी जीत दर्ज की। निषिथ प्रमाणिक पहले केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
मोदी ने 98 वर्षीय कार्यकर्ता के पैर छुए

समारोह का सबसे भावुक पल तब आया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया। पीएम मंच पर सीधे उनके पास पहुंचे, उन्हें शॉल ओढ़ाया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।माखनलाल सरकार 1952 के कश्मीर आंदोलन से जुड़े रहे थे और Syama Prasad Mukherjee के साथ तिरंगा फहराने गए थे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
टैगोर को श्रद्धांजलि, रोड शो से मंच तक पहुंचे मोदी
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में पीएम मोदी और सुवेंदु अधिकारी ने रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बंगाली कैलेंडर के अनुसार 9 मई को ‘पोचिसे बोइशाख’ के दिन गुरुदेव की 165वीं जयंती मनाई जा रही है।प्रधानमंत्री मोदी परेड ग्राउंड में रोड शो करते हुए मंच तक पहुंचे। इस दौरान उनके साथ सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद रहे। ग्राउंड में करीब एक लाख लोगों की मौजूदगी बताई गई।
2016 में 3 सीटें, 2026 में पूर्ण बहुमत
पश्चिम बंगाल में भाजपा का सफर लंबा संघर्ष वाला रहा है। 1982 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली पार्टी को खाता खोलने में 34 साल लगे थे। 2016 में भाजपा ने सिर्फ 3 सीटें जीती थीं।इसके बाद 2021 में पार्टी ने 77 सीटों के साथ बड़ा उछाल लिया और अब 2026 विधानसभा चुनाव में 45.84% वोट शेयर के साथ 207 सीटें जीतकर सरकार बना ली है। बंगाल की राजनीति में इसे भाजपा के लिए ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।