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सात हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर, 2021 में हुई टेकलगुड़ा घटना में थे शामिल

सात हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर, 2021 में हुई टेकलगुड़ा घटना में थे शामिल

सात हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर 2021 में हुई टेकलगुड़ा घटना में थे शामिल

Seven Hardcore Rewarded Naxalites Surrendered : रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक बार फिर जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित कहे जाने वाले बस्तर संभाग में लगातार नक्सली संगठन को झटका लग रहा है। शुक्रवार 28 फरवरी को सुकमा क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन नंबर एक में सक्रिय एक नक्सली दंपति सहित 7 हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर किये गए नक्सलियों पर शासन ने कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। 

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, सात हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। इनमें 2 पुरुष एवं 1 महिला नक्सली पर 8-8 लाख, 1 महिला एवं 3 पुरुष पर 2 लाख, कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल सुकमा टीम, थाना दोरापाल एवं सीआरपीएफ 131, 241 वाहिनी की अहम भूमिका रही। छत्तीसगढ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति व “नियद नेला नोर योजना से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि, ये नक्सली 2021 में टेकलगुड़ा घटना में शामिल थे। इस घटना में 22 जवान शहीद हुए थे। 

बीजापुर में गंगालूर एरिया कमेटी अंतर्गत पीड़िया आरपीसी के 1-1 लाख रूपये के 2 ईनामी माओवादी सहित कुल 3 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इन लोगों ने संगठन के विचारों से मोहभंग और निराशा एवं संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद के चलते आत्मसमर्पण किया है।

आत्मसमर्पित माओवादियों ने कहा कि वे समाज के मुख्यधारा में जुड़कर स्वच्छंद रूप से पारिवारिक जीवन जीना चाहते हैं। DSP बीजापुर शरद जायसवाल ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादी प्रतिबंधित संगठन में डीएकेएमएस अध्यक्ष, जनताना सरकार अध्यक्ष एवं मिलिशिया सेक्शन प्लाटून डिप्टी कमाण्डर के पद पर कार्यरत थे।

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