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28 फरवरी तक बंद किया संगम रेलवे स्टेशन, महाकुंभ की भीड़ पर होगा काबू?

28 फरवरी तक बंद किया संगम रेलवे स्टेशन, महाकुंभ की भीड़ पर होगा काबू?

28 फरवरी तक बंद किया संगम रेलवे स्टेशन महाकुंभ की भीड़ पर होगा काबू

Sangam Railway Station Closed till 28 February : प्रयागराज। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में भगदड़ की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा उपायों में वृद्धि कर दी है। इस घटना के बाद रेलवे को यह एहसास हुआ कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। इसी कारण से रेलवे ने प्रयागराज संगम स्टेशन को बंद करने का फैसला लिया है, हालांकि यह फैसला पूरी तरह से भीड़ की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रयागराज संगम स्टेशन को 28 फरवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 

महाकुंभ में शनिवार और रविवार को एक बार फिर से भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। इन दिनों रेलवे स्टेशनों से संगम की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इसके कारण रेलवे प्रशासन ने इमरजेंसी प्लान तैयार किया है और इसे लागू करने के लिए 24 घंटे तैयार रहने के आदेश दिए हैं। वीकेंड पर आई भीड़ को देखते हुए रेलवे सतर्क हो गया है, और यदि भीड़ की स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाई तो प्रयागराज संगम स्टेशन को महाकुंभ के दौरान पूरी तरह से बंद रखा जा सकता है।

इसके बाद उन यात्रियों को जो संगम स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का विचार कर रहे थे, उन्हें प्रयागराज जंक्शन या अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी होगी। इस प्रक्रिया में अयोध्या, जौनपुर, लखनऊ रूट के यात्री भी प्रभावित होंगे। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं ताकि वे सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें।

महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई है। शनिवार और रविवार को एक-एक करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंचे। इस दौरान पूरे प्रयागराज शहर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था और उन्हें रेलवे स्टेशन तक पहुँचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए एक नई रणनीति अपनाई, जिसमें पहले श्रद्धालुओं को एक बड़े पार्क में रोका जाता था, और फिर उन्हें बारी-बारी से रेलवे स्टेशन पर भेजा जाता था।

संगम स्टेशन पर भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि रविवार को रात 8:20 बजे एक अनाउंसमेंट किया गया था जिसमें कहा गया कि श्रद्धालु अगले एक घंटे तक स्टेशन पर न आएं। इस कदम का उद्देश्य स्टेशन पर जमा होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना था और यात्रियों को व्यवस्थित रूप से भेजने की योजना बनाई गई थी। 

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